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कभी बंदर बना मेहमान, कभी मिला बाबा का कमरा…‘हनुमान अंश’ की शूटिंग के ये किस्से कर देंगे हैरान

 
Hanuman
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विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। फिल्म अब तक 60 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर चुकी है और दर्शकों के मिल रहे शानदार रिस्पॉन्स को देखते हुए जल्द ही इसके 100 करोड़ क्लब में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि फिल्म की कमाई के साथ-साथ इसके सेट से जुड़े कुछ ऐसे किस्से भी सामने आए हैं, जिन्हें मेकर्स और क्रू भगवान हनुमान का आशीर्वाद मानते हैं।

फिल्म की शूटिंग के दौरान कई ऐसे संयोग हुए, जिन्होंने पूरी टीम का ध्यान खींचा। इनमें शोभिनव सत्या का अचानक मुख्य भूमिका में आ जाना, शूटिंग के दौरान एक बंदर का घंटों सेट पर मौजूद रहना और मुश्किल वक्त में हनुमान चालीसा का पाठ करना शामिल है।

अचानक सेकंड असिस्टेंट डायरेक्टर से बन गए अभिनेता

फिल्म में नीम करौली बाबा यानी महाराज जी की भूमिका निभाने वाले शोभिनव सत्या को शुरुआत में इस किरदार के लिए चुना ही नहीं गया था। वह फिल्म की टीम में सेकंड असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। लेकिन शूटिंग के दौरान जिस अभिनेता को इस भूमिका के लिए चुना गया था, उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई।

सेट तैयार था और पूरी टीम शूटिंग के लिए मौजूद थी। ऐसे में शूटिंग रोकना आसान नहीं था। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने शोभिनव को इस किरदार के लिए ऑडिशन देने को कहा। करीब पांच घंटे तक उनके ऑडिशन और लुक टेस्ट के बाद उन्हें भूमिका के लिए चुन लिया गया। अगले ही दिन जो व्यक्ति सेट पर असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर मौजूद था, वही कैमरे के सामने फिल्म के अहम किरदार में नजर आया।

जब शूटिंग के बीच सेट पर पहुंच गया बंदर

फिल्म की शूटिंग से जुड़ा एक बीटीएस वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसमें एक बंदर पेड़ पर बैठा दिखाई देता है। खास बात यह थी कि बंदर को शूटिंग के लिए नहीं बुलाया गया था, बल्कि वह अचानक वहां पहुंच गया।

बताया गया कि उस वक्त फिल्म में मूर्ति स्थापना से जुड़ा एक दृश्य फिल्माया जा रहा था। तभी बंदर वहां आया और पेड़ पर बैठ गया। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने इसे महज संयोग मानने के बजाय भगवान हनुमान का आशीर्वाद माना। उन्होंने बंदर को नारियल चढ़ाया और प्रसाद भी खिलाया।

हैरानी की बात यह रही कि बंदर काफी देर तक वहीं बैठा रहा और शूटिंग खत्म होने तक सेट से नहीं गया। टीम ने इस पूरे पल को कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में फिल्म से जुड़े खास किस्सों में शामिल हो गया।

जब भी आई अड़चन, टीम ने किया हनुमान चालीसा का पाठ

फिल्म के सेट पर आध्यात्मिक माहौल बनाए रखने की भी कोशिश की गई। शूटिंग के दौरान जब कभी तकनीकी परेशानी आती या कैमरा शुरू होने में देरी होती, तो टीम के सदस्य मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ करते थे।

टीम से जुड़े लोगों के मुताबिक, कई बार घंटों तक काम रुक जाता था। ऐसे समय में खाली बैठने के बजाय पूरी टीम एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ करती थी। उनका मानना था कि पाठ पूरा होने तक समस्या का कोई न कोई रास्ता निकल आता था।

शूटिंग को लेकर सेट पर कुछ नियम भी बनाए गए थे। शूटिंग शुरू होने और खत्म होने पर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता था। इसके अलावा सेट पर नॉन-वेज, शराब और गाली-गलौज पर रोक थी।

चित्रकूट के जिस कमरे में शूटिंग हुई, वहां कभी ठहरे थे नीम करौली बाबा

फिल्म से जुड़ा एक और दिलचस्प संयोग चित्रकूट में सामने आया। एक सीन की शूटिंग के लिए निर्देशक ने वहां एक पुराना कमरा लिया था। पूरी शूटिंग उसी कमरे में हुई। शूटिंग पूरी होने के बाद टीम को पता चला कि कभी इसी कमरे में नीम करौली बाबा भी ठहरे थे।

इस जानकारी ने पूरी टीम को हैरान कर दिया। फिल्म में जिस संत के जीवन से जुड़ा किरदार दिखाया जा रहा था, उसी से जुड़ा यह संयोग शूटिंग के दौरान सामने आया।

नीम करौली बाबा से मिलती-जुलती शक्ल बनी शोभिनव के चयन की वजह

शोभिनव सत्या के चयन के पीछे उनकी शक्ल का नीम करौली बाबा से मिलता-जुलता होना भी एक अहम वजह बताई गई। ऑडिशन और लुक टेस्ट के दौरान उनकी तस्वीरें खींची गईं और निर्देशक ने पाया कि उनके चेहरे की बनावट और बाबा की तस्वीरों में काफी समानता है।

हालांकि शोभिनव ने किरदार निभाते वक्त सिर्फ नीम करौली बाबा की नकल करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने अपने स्वाभाविक हाव-भाव और बोलने के अंदाज को बरकरार रखते हुए किरदार को पर्दे पर जीवंत करने की कोशिश की।

फिल्म की कमाई के बीच ये किस्से अब ‘हनुमान अंश’ को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ा रहे हैं। मेकर्स के लिए ये घटनाएं महज संयोग हैं या आस्था से जुड़ा कोई संकेत, इसे लेकर अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन फिल्म की शूटिंग से जुड़े इन अनुभवों ने इसकी कहानी के पीछे की कहानी को जरूर खास बना दिया है।