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सोना-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, MCX पर चांदी ₹3.59 लाख किलो पार, सोना ₹1.60 लाख के करीब

वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में ऐतिहासिक तेजी दर्ज हुई। MCX पर चांदी ₹3.59 लाख प्रति किलो और सोना ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया। भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग से कीमतों में रिकॉर्ड उछाल आया है।

 
Gold-Silver Price Today
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Gold-Silver Price Today: वैश्विक बाजारों में चल रही उथल-पुथल और आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में मंगलवार को ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली। सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशकों ने सोने और चांदी की तरफ रुख किया, जिससे दोनों की कीमतें अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गईं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 7.5 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹3,59,800 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। खास बात यह है कि पिछले एक सप्ताह में चांदी की कीमतों में 16 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वहीं सोना भी नई ऊंचाई पर पहुंच गया। फरवरी डिलीवरी वाला सोना 2.4 प्रतिशत चढ़कर ₹1,59,820 प्रति 10 ग्राम के लाइफ-टाइम हाई के करीब कारोबार करता नजर आया। बीते एक हफ्ते में सोने की कीमत करीब ₹13,500 तक बढ़ चुकी है।

तेजी की बड़ी वजह क्या है?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस उछाल के पीछे मुख्य कारण वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका की बदलती आर्थिक नीतियां हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों का भरोसा बॉन्ड और करेंसी से घटा है, जिससे वे सोने-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों में निवेश बढ़ा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते सरकारी खर्च और टैरिफ से जुड़ी आशंकाओं ने भी बाजार में डर का माहौल बनाया है, जो कीमती धातुओं के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुनाफावसूली

हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली देखी गई, लेकिन इसके बावजूद कीमतें रिकॉर्ड स्तर के आसपास बनी हुई हैं। इससे साफ है कि फिलहाल निवेशकों का भरोसा बुलियन मार्केट में बना हुआ है।

आगे बाजार की नजर किन पर?

अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति बैठक और भारत के केंद्रीय बजट 2026 पर टिकी हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इम्पोर्ट ड्यूटी या ब्याज दरों में किसी भी बदलाव का सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ेगा।

फिलहाल वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है और यही कारण है कि बुलियन बाजार में तेजी का दौर जारी रहने की संभावना है।