Movie prime

घर खरीदने के लिए ज्यादा लोन चाहिए? ज्वाइंट होम लोन लेने से मिल सकते हैं ये बड़े फायदे

अगर घर खरीदने के लिए ज्यादा होम लोन की जरूरत है तो ज्वाइंट होम लोन बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें दो आवेदकों की आय और क्रेडिट प्रोफाइल को ध्यान में रखकर लोन पात्रता तय की जाती है। महिला सह-आवेदक, टैक्स लाभ, दस्तावेज और पात्रता से जुड़ी जरूरी बातें जानिए।

 
लोन
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

Joint Home Loan: अपना घर खरीदना ज्यादातर लोगों के लिए जीवन के बड़े वित्तीय फैसलों में शामिल होता है। कई बार घर की कीमत ज्यादा होने के कारण अकेले की आय के आधार पर मिलने वाला होम लोन पर्याप्त नहीं होता। ऐसी स्थिति में ज्वाइंट होम लोन एक विकल्प हो सकता है। इसमें दो लोग मिलकर होम लोन के लिए आवेदन करते हैं, जिससे लोन पात्रता बढ़ने की संभावना रहती है।

ज्वाइंट होम लोन में आमतौर पर पति-पत्नी, परिवार के सदस्य या ऐसे लोग सह-आवेदक बन सकते हैं, जिनकी आय और वित्तीय प्रोफाइल बैंक की निर्धारित शर्तों को पूरा करती हो। बैंक लोन मंजूर करते समय दोनों आवेदकों की आय, क्रेडिट हिस्ट्री और भुगतान क्षमता जैसे पहलुओं को ध्यान में रख सकता है।

ज्वाइंट होम लोन के क्या हैं फायदे?

लोन की पात्रता बढ़ सकती है:
दोनों आवेदकों की आय को ध्यान में रखे जाने से अकेले आवेदन की तुलना में अधिक लोन राशि के लिए पात्रता बन सकती है। इससे महंगे घर की खरीदारी के लिए वित्तीय जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है।

किस्त चुकाने का बोझ बंट सकता है:
ज्वाइंट लोन में दोनों आवेदक लोन की जिम्मेदारी साझा करते हैं। इससे मासिक EMI का वित्तीय बोझ संभालना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।

दोनों की क्रेडिट हिस्ट्री पर असर:
ज्वाइंट होम लोन समय पर चुकाने पर दोनों आवेदकों की क्रेडिट प्रोफाइल के लिए सकारात्मक हो सकता है। वहीं EMI में लापरवाही होने पर दोनों की क्रेडिट हिस्ट्री प्रभावित हो सकती है।

टैक्स लाभ का भी फायदा:
अगर दोनों आवेदक घर के सह-मालिक हैं और लोन की EMI में योगदान करते हैं, तो लागू नियमों और पात्रता के अनुसार दोनों अलग-अलग टैक्स लाभ का दावा कर सकते हैं।

महिला सह-आवेदक होने पर मिल सकता है अतिरिक्त लाभ

कई बैंक महिला आवेदक या सह-आवेदक को होम लोन पर ब्याज दर में रियायत देते हैं। ऐसे में अगर महिला परिवार की सह-आवेदक और संपत्ति की सह-मालिक हैं तो बैंक की लागू शर्तों के अनुसार ब्याज दर में अतिरिक्त फायदा मिल सकता है। हालांकि, यह सुविधा बैंक और उसकी मौजूदा नीति पर निर्भर करती है।

आवेदक की पात्रता कैसे तय होती है?

ज्वाइंट होम लोन में बैंक दोनों आवेदकों की वित्तीय स्थिति और आय को ध्यान में रखकर पात्रता तय करता है। इसके लिए आवेदकों की आय, नौकरी या कारोबार, क्रेडिट हिस्ट्री और मौजूदा वित्तीय दायित्वों की जांच की जा सकती है।

आमतौर पर दोनों आवेदकों की आय जितनी स्थिर होगी और क्रेडिट प्रोफाइल जितनी मजबूत होगी, लोन पात्रता उतनी बेहतर होने की संभावना रहती है।

ज्वाइंट होम लोन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?

लोन आवेदन के दौरान बैंक आवेदकों से पहचान और आय से जुड़े दस्तावेज मांग सकता है। इनमें आम तौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे पहचान पत्र शामिल हो सकते हैं।

नौकरीपेशा आवेदकों से पिछले कुछ महीनों की सैलरी स्लिप और आयकर रिटर्न मांगा जा सकता है। वहीं कारोबार या स्वरोजगार करने वाले आवेदकों को आय और कारोबार से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं।

लोन लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

ज्वाइंट होम लोन लेने से पहले दोनों आवेदकों को EMI, लोन अवधि और संपत्ति में स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट कर लेनी चाहिए। साथ ही यह भी समझना जरूरी है कि किसी एक आवेदक की ओर से EMI में चूक होने पर दूसरे आवेदक की क्रेडिट प्रोफाइल भी प्रभावित हो सकती है।

इसलिए ज्वाइंट होम लोन ज्यादा राशि हासिल करने का उपयोगी विकल्प हो सकता है, लेकिन आवेदन करने से पहले बैंक की ब्याज दर, पात्रता, शुल्क, टैक्स लाभ और दोनों आवेदकों की जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझना जरूरी है।