कार इंश्योरेंस 2025 के नए नियम: 50% तक सस्ता इंश्योरेंस, जितना चलाओ-उतना प्रीमियम नियम लागू
नई दिल्ली I भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने 2025 में मोटर इंश्योरेंस सेक्टर में कई क्रांतिकारी बदलाव लागू किए हैं। इन नए नियमों से पॉलिसी खरीदने का तरीका, प्रीमियम की गणना, क्लेम सेटलमेंट और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी व ग्राहक-केंद्रित हो गई है। अब ग्राहकों को अपनी ड्राइविंग आदतों के हिसाब से प्रीमियम चुकाना पड़ेगा और जल्द ही ‘बीमा सुगम’ नाम का वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू होने वाला है।
प्रमुख बदलाव एक नजर में
1. पे-एज-यू-ड्राइव (Pay as You Drive) अनिवार्य विकल्प
अब हर बीमा कंपनी को टेलिमैटिक्स आधारित ‘पे-एज-यू-ड्राइव’ और ‘पे-हाउ-यू-ड्राइव’ ऐड-ऑन देना जरूरी है। कम चलाने वाले ग्राहकों के लिए यह विकल्प 30-50% तक प्रीमियम बचा सकता है।
2. क्लेम सेटलमेंट में सख्त समय-सीमा
- दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद सर्वे 24-48 घंटे में पूरा करना अनिवार्य
- मनमाने आधार पर क्लेम रिजेक्ट करने पर भारी जुर्माना
- जरूरी दस्तावेज पॉलिसी जारी करते समय ही लेने होंगे, क्लेम के समय नहीं मांग सकेंगे
3. पॉलिसी वर्डिंग और दस्तावेज पूरी तरह सरल व स्पष्ट
2024 के मास्टर सर्कुलर के बाद सभी कंपनियों को एकसमान भाषा में पॉलिसी देनी होगी। डिप्रीसिएशन चार्ट, कंज्यूमेबल कवर, इंजन प्रोटेक्शन जैसे नियम अब छिपे नहीं रहेंगे।
4. बीमा सुगम प्लेटफॉर्म 2025 में लॉन्च
IRDAI का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘Bima Sugam’ जल्द शुरू होने वाला है। इसमें एक ही जगह पर सभी कंपनियों की पॉलिसी की तुलना, खरीदारी, रिन्यूअल और क्लेम फाइल करना संभव होगा। इसे “बीमा का UPI” कहा जा रहा है।
कॉम्प्रिहेंसिव vs थर्ड-पार्टी
कानून के अनुसार थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है, लेकिन यह सिर्फ दूसरों के नुकसान की भरपाई करता है, अपनी गाड़ी की नहीं। महानगरों में पार्किंग में खरोंच, चोरी, प्राकृतिक आपदा जैसे जोखिम ज्यादा होने से 80% से अधिक कार मालिक अभी भी कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी ही ले रहे हैं।
2025 में पॉलिसी लेते या रिन्यू करते समय जरूर ध्यान दें
- कम माइलेज है तो PAYD ऐड-ऑन जरूर लें
- जीरो डेप, RTI, इंजन प्रोटेक्टर, कंज्यूमेबल कवर की शर्तें ध्यान से पढ़ें
- कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो (CSR) 95% से ऊपर होना चाहिए
- IDV और voluntary deductible का सही संतुलन चुनें
- कैशलेस गैरेज नेटवर्क ज्यादा से ज्यादा हो
विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 भारतीय मोटर इंश्योरेंस के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होगा। पारदर्शिता बढ़ने से ग्राहकों का भरोसा लौटेगा और अनावश्यक प्रीमियम से छुटकारा मिलेगा। इसलिए नई पॉलिसी लेने या रिन्यू करने से पहले अच्छे से तुलना करें, पॉलिसी वर्डिंग पूरा पढ़ें और सही कवरेज चुनें।
