SEBI का बड़ा फैसला: सॉल्यूशन-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड बंद, गोल्ड- सिल्वर वैल्यूएशन नियम भी बदले
सेबी ने म्यूचुअल फंड वर्गीकरण में बड़े बदलाव करते हुए सॉल्यूशन-ओरिएंटेड स्कीमें बंद कर दीं और लाइफ साइकल फंड को शामिल किया। गोल्ड-सिल्वर ETF के वैल्यूएशन नियम बदले गए हैं। साथ ही, बाजार से जुड़ा कंटेंट पोस्ट करते समय रजिस्ट्रेशन नंबर बताना अनिवार्य किया गया है।
SEBI New Mutual Fund Rules: मार्केट रेगुलेटर Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने म्यूचुअल फंड योजनाओं के वर्गीकरण में व्यापक बदलाव करते हुए संशोधित रूपरेखा जारी की है। नए नियमों के तहत सॉल्यूशन-ओरिएंटेड योजनाएं (रिटायरमेंट और चिल्ड्रन फंड) बंद कर दी गई हैं, जबकि ‘लाइफ साइकल फंड’ को नई श्रेणी के रूप में शामिल किया गया है।
सॉल्यूशन-ओरिएंटेड फंड बंद
सेबी ने स्पष्ट किया है कि पांच साल की अनिवार्य लॉक-इन अवधि वाली मौजूदा सॉल्यूशन-ओरिएंटेड स्कीमें तुरंत नए सब्सक्रिप्शन लेना बंद करेंगी। बाद में नियामक की मंजूरी के बाद इन्हें समान एसेट एलोकेशन और जोखिम प्रोफाइल वाली अन्य स्कीमों में विलय किया जाएगा।
यह कदम योजनाओं के नाम में बढ़ा-चढ़ाकर किए जाने वाले रिटर्न दावों पर अंकुश लगाने और ‘नाम के अनुरूप निवेश’ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अब 5 मुख्य श्रेणियों में वर्गीकरण
सेबी ने योजनाओं को पांच प्रमुख श्रेणियों में बांटा है:
• इक्विटी
• डेट (बॉन्ड)
• हाइब्रिड
• लाइफ साइकल
• अन्य (फंड ऑफ फंड्स, इंडेक्स फंड, ETF जैसी पैसिव योजनाएं)
नए नियम के तहत स्कीम का नाम उसकी श्रेणी के अनुरूप होना अनिवार्य होगा। ऐसे शब्दों या वाक्यांशों के उपयोग पर रोक लगाई गई है, जो केवल उच्च रिटर्न का संकेत देते हों।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम खुदरा निवेशकों के लिए जटिल होते जा रहे म्यूचुअल फंड उद्योग को सरल और पारदर्शी बनाने में मदद करेगा।
गोल्ड और सिल्वर वैल्यूएशन नियमों में बदलाव
सेबी ने म्यूचुअल फंड स्कीमों द्वारा रखे गए सोने और चांदी के मूल्यांकन के तरीके में भी संशोधन किया है।
अब गोल्ड और सिल्वर ETF की कीमत तय करने में घरेलू स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा प्रकाशित हाजिर (स्पॉट) मूल्य का उपयोग अनिवार्य होगा।
पहले, London Bullion Market Association की एएम फिक्सिंग कीमतों के आधार पर वैल्यूएशन किया जाता था, जिसे करेंसी कन्वर्जन, कस्टम ड्यूटी और अन्य खर्चों से समायोजित किया जाता था।
इस बदलाव का उद्देश्य घरेलू बाजार की वास्तविक स्थिति को बेहतर ढंग से दर्शाना और पारदर्शिता बढ़ाना है।
सोशल मीडिया पर कंटेंट पोस्ट करने के लिए सख्त निर्देश
सेबी ने सभी पंजीकृत संस्थाओं- जैसे स्टॉक ब्रोकर्स, म्यूचुअल फंड, एसेट मैनेजमेंट कंपनियां, इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स, रिसर्च एनालिस्ट्स और पोर्टफोलियो मैनेजर्स को निर्देश दिया है कि वे शेयर बाजार से संबंधित कोई भी कंटेंट इंटरनेट पर पोस्ट करते समय अपना रजिस्टर्ड नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर स्पष्ट रूप से उल्लेख करें।
जिन संस्थाओं के पास एक से अधिक रजिस्ट्रेशन हैं, उन्हें अपने होमपेज पर सभी रजिस्ट्रेशन की सूची वाला वेब लिंक देना होगा।
