Movie prime

IDBI Bank में अचानक क्यों लगी खरीदारी की होड़? क्या पूरी होने जा रही है देश की सबसे बड़ी बैंकिंग डील?

IDBI Bank के शेयरों में चार कारोबारी सत्रों में करीब 27% की तेजी दर्ज की गई है। सरकार द्वारा बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की खबरों, बड़े ब्लॉक डील्स और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। जानिए पूरी वजह।

 
IDBI Bank
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

IDBI Bank Share Price: शेयर बाजार में बुधवार को IDBI Bank के शेयरों ने निवेशकों का खास ध्यान खींचा। बैंक का शेयर एक दिन में करीब 19 परसेंट तक बढ़ गया, जबकि पिछले चार कारोबारी सत्रों में इसमें लगभग 27 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इस जबरदस्त रैली के पीछे सबसे बड़ी वजह बैंक के लंबे समय से अटके निजीकरण (Privatisation) को लेकर फिर से बढ़ी उम्मीदें मानी जा रही हैं।

बुधवार के कारोबार के दौरान IDBI Bank का शेयर NSE पर 91.88 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, साल 2026 की शुरुआत से अब तक यह शेयर अभी भी करीब 13 प्रतिशत नीचे है। इसके बावजूद हालिया तेजी ने निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है।

निजीकरण की खबरों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा

बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह यह चर्चा है कि केंद्र सरकार IDBI Bank के निजीकरण की प्रक्रिया को फिर से गति देने पर विचार कर रही है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार यह जांच रही है कि प्रीम वत्सा की अगुवाई वाली Fairfax Financial Holdings और Emirates NBD द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर आगे बढ़ा जा सकता है या नहीं, भले ही उनकी बोली आरक्षित मूल्य (Reserve Price) से कम रही हो।

सूत्रों के मुताबिक सरकार कानूनी विकल्पों का अध्ययन कर रही है, जिससे रिजर्व प्राइस से कम बोली को भी स्वीकार किया जा सके। यही संकेत निवेशकों के लिए सकारात्मक साबित हुआ और शेयर में खरीदारी बढ़ गई।

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि IDBI Bank के विनिवेश की योजना कभी रद्द नहीं की गई थी। ऐसे में बाजार को उम्मीद है कि सरकार इस सौदे को किसी न किसी रूप में पूरा करने की कोशिश करेगी।

भारी ब्लॉक डील्स ने बढ़ाई बाजार की दिलचस्पी

बुधवार को शेयर में तेजी के साथ असामान्य ट्रेडिंग वॉल्यूम भी देखने को मिला। करीब 20.81 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ, जिसकी कुल वैल्यू 1,825 करोड़ रुपये से अधिक रही। इसके अलावा लगभग 82 लाख शेयर छह बड़े ब्लॉक डील्स के जरिए खरीदे-बेचे गए।

हालांकि इन सौदों में शामिल खरीदारों और विक्रेताओं की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस तरह की बड़ी डील्स अक्सर बाजार में सकारात्मक संकेत मानी जाती हैं और निवेशकों की रुचि बढ़ा देती हैं।

सरकार के लिए अहम है यह विनिवेश

विश्लेषकों का मानना है कि सरकार गैर-कर राजस्व (Non-Tax Revenue) बढ़ाने के लिए इस सौदे को पूरा करना चाहती है। ऐसे में निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार IDBI Bank के निजीकरण को अधूरा नहीं छोड़ेगी। यही कारण है कि बाजार इस समय बैंक के निजीकरण से जुड़ी हर खबर पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।

बैंक के वित्तीय प्रदर्शन में भी दिखा सुधार

प्राइवेटाइजेशन की उम्मीदों के अलावा बैंक के वित्तीय नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। मार्च तिमाही में IDBI Bank ने 1,943.2 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया। हालांकि यह पिछले साल की तुलना में 5.3 प्रतिशत कम रहा, लेकिन बैंक की मुख्य आय में सुधार देखने को मिला।

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) बढ़कर 3,851.5 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो एक साल पहले 3,290 करोड़ रुपये थी। यानी इसमें लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

एसेट क्वालिटी भी हुई मजबूत

बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता (Asset Quality) में भी सुधार देखने को मिला।

ग्रॉस एनपीए (GNPA) घटकर 2.32% रह गया, जो पिछली तिमाही में 2.57% था।

नेट एनपीए (NNPA) घटकर 0.15% पर आ गया, जो पहले 0.18% था।

कम होते खराब ऋण (Bad Loans) और मजबूत बैलेंस शीट बैंक की स्थिति को बेहतर दर्शाते हैं।

आगे किस बात पर रहेगी बाजार की नजर?

अब निवेशकों की नजर सरकार की ओर से आने वाले किसी भी आधिकारिक अपडेट पर टिकी हुई है। निजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के लिए सफल बोलीदाता को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) सहित अन्य नियामक स्वीकृतियां हासिल करनी होंगी। इसके अलावा अल्पसंख्यक शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर भी लाना होगा।

फिलहाल बाजार एक ही बात पर दांव लगा रहा है- क्या IDBI Bank की वर्षों से लंबित निजीकरण प्रक्रिया आखिरकार अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है? यदि सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो आने वाले दिनों में यह शेयर निवेशकों के रडार पर बना रह सकता है।