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ईरान में फंसे अमेरिकी अधिकारी का फिल्मी अंदाज में रेस्क्यू, दुश्मन इलाके में चला बड़ा ऑपरेशन

 
ईरान में फंसे अमेरिकी अधिकारी का फिल्मी अंदाज में रेस्क्यू, दुश्मन इलाके में चला बड़ा ऑपरेशन
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New Delhi : ईरान के भीतर अमेरिकी सेना ने एक बेहद जोखिम भरा और साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन अंजाम देते हुए अपने लापता एयरफोर्स अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। शनिवार रात हुए इस ऑपरेशन में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज ने दुश्मन के इलाके में फंसे अधिकारी को रेस्क्यू किया। मिशन के दौरान रेस्क्यू टीम का कोई भी सदस्य हताहत नहीं हुआ। घायल अधिकारी को इलाज के लिए कुवैत भेजा गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

F-15E जेट गिरने के बाद फंसा था अधिकारी

दरअसल, शुक्रवार को ईरान ने अमेरिका के F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान को मार गिराया था। विमान के गिरने से पहले दोनों क्रू मेंबर्स ने इजेक्ट कर लिया था। पायलट को जल्द ही बचा लिया गया, लेकिन वेपन्स सिस्टम्स ऑफिसर दुश्मन के इलाके में फंस गया। वह करीब एक दिन तक केवल एक पिस्तौल के सहारे छिपा रहा। इस दौरान ईरानी सेना ने इलाके की घेराबंदी कर दी और स्थानीय लोगों को इनाम का लालच देकर उसकी तलाश तेज कर दी थी। हालांकि, स्थानीय विरोध के चलते अधिकारी को छिपने में मदद मिली।

सैकड़ों कमांडो और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

अमेरिकी सेना ने इस रेस्क्यू मिशन के लिए सैकड़ों स्पेशल ऑपरेशंस कमांडो तैनात किए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन में दर्जनों लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर, साइबर, स्पेस और इंटेलिजेंस क्षमताओं का व्यापक उपयोग किया गया।

बीकन और कम्युनिकेशन डिवाइस बना सहारा

फंसा हुआ अधिकारी बीकन और सुरक्षित कम्युनिकेशन डिवाइस के जरिए रेस्क्यू टीम के संपर्क में था। जैसे ही कमांडो उसकी लोकेशन के करीब पहुंचे, वहां जोरदार गोलीबारी शुरू हो गई। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी काफिलों पर बमबारी कर उन्हें दूर रखा, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाया जा सका।

CIA की अहम भूमिका और बड़ा फैसला

इस ऑपरेशन में सीआईए ने ‘अनकन्वेंशनल असिस्टेड रिकवरी’ के तहत अहम भूमिका निभाई और स्थानीय संपर्कों के जरिए मिशन को सफलता दिलाने में मदद की। ऑपरेशन के अंतिम चरण में तकनीकी समस्या आने पर दो ट्रांसपोर्ट विमान ईरान के एक दूरस्थ बेस पर फंस गए। हालात को देखते हुए कमांडरों ने तुरंत तीन नए विमान भेजे और खराब विमानों को बम से उड़ा दिया, ताकि वे दुश्मन के हाथ न लग सकें।

इतिहास के सबसे चुनौतीपूर्ण मिशनों में शामिल

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन इतिहास के सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू मिशनों में से एक माना जा रहा है। दुश्मन के इलाके में इतने बड़े स्तर पर ऑपरेशन चलाना अमेरिकी सैन्य क्षमता और रणनीति का बड़ा उदाहरण है। इस सफल मिशन के बाद अमेरिकी खेमे में उत्साह का माहौल है।