मिडिल-ईस्ट तनाव के बीच भारत को मिला नया भरोसेमंद साथी- अर्जेंटीना से आई डबल LPG सप्लाई
Updated: Mar 24, 2026, 16:31 IST
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खाड़ी संकट के बीच भारत को मिला नया ऊर्जा साथी, अर्जेंटीना ने की LPG सप्लाई दोगुनी खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराते खतरे के बीच भारत ने अपनी रणनीति को मजबूत करते हुए नया विकल्प तलाश लिया है। अब दक्षिण अमेरिकी देश Argentina भारत के लिए एक अहम ऊर्जा साझेदार बनकर उभरा है। अर्जेंटीना ने भारत को एलपीजी (LPG) की आपूर्ति में बड़ा इजाफा किया है, जिससे देश में गैस की कमी की आशंका काफी हद तक कम हो गई है।
खाड़ी संकट के बीच सुरक्षित हुई सप्लाई
पश्चिम एशिया में हर बड़े संघर्ष का असर सीधे तेल और गैस की कीमतों पर पड़ता है। लेकिन इस बार भारत ने पहले से तैयारी कर ली थी।
आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के शुरुआती तीन महीनों में अर्जेंटीना ने भारत को करीब 50,000 टन LPG की आपूर्ति की, जबकि 2025 में यह आंकड़ा सिर्फ 22,000 टन था।
यानी बेहद कम समय में सप्लाई दोगुनी से भी ज्यादा हो गई। जानकारी के अनुसार, अर्जेंटीना के बाहिया ब्लांका बंदरगाह से बड़ी मात्रा में गैस भारत भेजी गई, जिससे घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली।
जीरो से बड़ा सप्लायर बनने तक
दिलचस्प बात यह है कि साल 2024 से पहले अर्जेंटीना से भारत को LPG का कोई निर्यात नहीं होता था। लेकिन अब यह देश तेजी से भारत के ऊर्जा बाजार में अपनी जगह बना रहा है।
अर्जेंटीना का LPG उत्पादन भी लगातार बढ़ रहा है। 2025 में इसका कुल उत्पादन बढ़कर 2.63 मिलियन टन तक पहुंच गया। साथ ही 2026 में नए प्लांट और तकनीकी विस्तार की योजना है, जिससे उत्पादन और बढ़ेगा।
मजबूत होती आर्थिक साझेदारी
अर्जेंटीना अब सिर्फ गैस सप्लायर ही नहीं, बल्कि भारत का अहम व्यापारिक साझेदार भी बनता जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है।
भारत, अर्जेंटीना का प्रमुख निर्यात गंतव्य बन चुका है। सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, अनाज और अन्य जरूरी वस्तुएं बड़े पैमाने पर भारत में आयात की जाती हैं।
भविष्य की ऊर्जा पर फोकस
दोनों देश अब भविष्य की ऊर्जा जरूरतों पर भी साथ काम कर रहे हैं। ONGC Videsh Ltd और YPF के बीच तेल-गैस सहयोग को लेकर समझौते हो चुके हैं।
इसके अलावा भारत की KABIL ने अर्जेंटीना में लिथियम ब्लॉकों के अधिग्रहण का ऐतिहासिक समझौता किया है, जो भविष्य की बैटरी और ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
खाड़ी संकट के बीच सुरक्षित हुई सप्लाई
पश्चिम एशिया में हर बड़े संघर्ष का असर सीधे तेल और गैस की कीमतों पर पड़ता है। लेकिन इस बार भारत ने पहले से तैयारी कर ली थी।
आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के शुरुआती तीन महीनों में अर्जेंटीना ने भारत को करीब 50,000 टन LPG की आपूर्ति की, जबकि 2025 में यह आंकड़ा सिर्फ 22,000 टन था।
यानी बेहद कम समय में सप्लाई दोगुनी से भी ज्यादा हो गई। जानकारी के अनुसार, अर्जेंटीना के बाहिया ब्लांका बंदरगाह से बड़ी मात्रा में गैस भारत भेजी गई, जिससे घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली।
जीरो से बड़ा सप्लायर बनने तक
दिलचस्प बात यह है कि साल 2024 से पहले अर्जेंटीना से भारत को LPG का कोई निर्यात नहीं होता था। लेकिन अब यह देश तेजी से भारत के ऊर्जा बाजार में अपनी जगह बना रहा है।
अर्जेंटीना का LPG उत्पादन भी लगातार बढ़ रहा है। 2025 में इसका कुल उत्पादन बढ़कर 2.63 मिलियन टन तक पहुंच गया। साथ ही 2026 में नए प्लांट और तकनीकी विस्तार की योजना है, जिससे उत्पादन और बढ़ेगा।
मजबूत होती आर्थिक साझेदारी
अर्जेंटीना अब सिर्फ गैस सप्लायर ही नहीं, बल्कि भारत का अहम व्यापारिक साझेदार भी बनता जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है।
भारत, अर्जेंटीना का प्रमुख निर्यात गंतव्य बन चुका है। सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, अनाज और अन्य जरूरी वस्तुएं बड़े पैमाने पर भारत में आयात की जाती हैं।
भविष्य की ऊर्जा पर फोकस
दोनों देश अब भविष्य की ऊर्जा जरूरतों पर भी साथ काम कर रहे हैं। ONGC Videsh Ltd और YPF के बीच तेल-गैस सहयोग को लेकर समझौते हो चुके हैं।
इसके अलावा भारत की KABIL ने अर्जेंटीना में लिथियम ब्लॉकों के अधिग्रहण का ऐतिहासिक समझौता किया है, जो भविष्य की बैटरी और ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
