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ईरान-इजरायल युद्ध का छठा दिन: लेबनान के रिफ्यूजी कैंप पर हमला, हिंद महासागर में अमेरिकी हमले से ईरानी युद्धपोत तबाह

 
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मिडिल ईस्ट में जारी ईरान और इजराइल के बीच तनावपूर्ण हालात अब और गंभीर होते जा रहे हैं। युद्ध के छठे दिन इजराइल ने लेबनान के त्रिपोली शहर में स्थित एक फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप पर हमला किया है। रिपोर्ट के अनुसार यह हमला उत्तरी लेबनान के सबसे बड़े फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप माने जाने वाले बेद्दावी रिफ्यूजी कैंप में किया गया। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

इसी बीच ईरान ने इजराइल को कड़ी चेतावनी दी है। एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने कहा कि यदि अमेरिका और इजराइल ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करते हैं, तो ईरान इजराइल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर को निशाना बना सकता है। ईरानी समाचार एजेंसी के मुताबिक अधिकारी ने कहा कि ऐसी स्थिति में दक्षिणी इजराइल स्थित इस परमाणु केंद्र पर हमला किया जा सकता है।

अमेरिकी हमले में ईरानी युद्धपोत डूबा

दूसरी ओर, इस युद्ध के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है। अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना पर हमला कर उसे डुबो दिया है। यह हमला श्रीलंका के समुद्री क्षेत्र के पास किया गया। श्रीलंकाई सरकार के अनुसार इस हमले में अब तक 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत हो चुकी है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाया, जिसके बाद जहाज समुद्र में डूब गया। घटना के बाद श्रीलंका की नेवी ने बचाव अभियान चलाकर 32 घायल नौसैनिकों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया।

बताया जा रहा है कि इस युद्धपोत पर करीब 180 नौसैनिक सवार थे और कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

भारत से लौट रहा था युद्धपोत

जानकारी के अनुसार यह ईरानी युद्धपोत पिछले महीने भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेने के बाद वापस ईरान लौट रहा था। श्रीलंकाई अधिकारियों के मुताबिक जहाज ने बुधवार सुबह करीब 6 से 7 बजे (भारतीय समयानुसार) मदद के लिए संदेश भेजा था। उस समय जहाज दक्षिणी श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 समुद्री मील (लगभग 75 किलोमीटर) दूर था।

इस घटना के बाद मिडिल ईस्ट के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात पर नजर रखी जा रही है।