इंजीनियर से मेयर और अब PM...जानें कौन है बालेंद्र शाह, जो आज लेंगे नेपाल के प्रधानंत्री पद की शपथ
Mar 27, 2026, 07:47 IST
WhatsApp Channel
Join Now
Facebook Profile
Join Now
Instagram Profile
Join Now
काठमांडू। नेपाल की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेता बालेंद्र शाह (Balen Shah) आज देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। खास बात यह है कि वे नेपाल के इतिहास में सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के समक्ष आयोजित एक विशेष समारोह में बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। यह शपथ ग्रहण समारोह पारंपरिक तरीके से थोड़ा अलग और खास होगा, जिसमें धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठानों की झलक देखने को मिलेगी।
शपथ ग्रहण में दिखेगा परंपरा और संस्कृति का संगम
शपथ ग्रहण समारोह का समय दोपहर 12:34 बजे तय किया गया है, जिसे शुभ मुहूर्त माना जा रहा है। इस दौरान सात शंख वादक शंखनाद करेंगे, जो हिंदू परंपरा में किसी भी शुभ कार्य की सफलता का प्रतीक माना जाता है।समारोह में 108 बटुक (वैदिक पुरोहित) स्वस्ति शांति का पाठ करेंगे, वहीं 16 बौद्ध भिक्षु अष्टमंगल का जाप करेंगे। यह अनुष्ठान नेपाल की धार्मिक विविधता और सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है।
कौन हैं बालेंद्र शाह?
बालेंद्र शाह ने साल 2022 में राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने काठमांडू के मेयर पद के लिए स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर सबको चौंका दिया।
27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में मधेसी परिवार में जन्मे शाह ने अपनी शुरुआती शिक्षा यहीं पूरी की। इसके बाद उन्होंने भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से संरचनात्मक अभियांत्रिकी (Structural Engineering) में मास्टर डिग्री हासिल की।
इंजीनियर से मेयर तक का सफर
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण बालेंद्र शाह को शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक कार्यों की गहरी समझ है। यही अनुभव उन्हें काठमांडू महानगरपालिका के मेयर के रूप में काम करते समय काफी मददगार साबित हुआ।
उनकी कार्यशैली और विकास के प्रति दृष्टिकोण ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई और अब वे राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व संभालने जा रहे हैं।
नई पीढ़ी के नेतृत्व का प्रतीक
बालेंद्र शाह का प्रधानमंत्री बनना नेपाल की राजनीति में बदलाव और नई पीढ़ी के उदय का संकेत माना जा रहा है। उन्होंने कम समय में ही अपनी अलग पहचान बनाई और जनता के बीच लोकप्रियता हासिल की।
शपथ ग्रहण में दिखेगा परंपरा और संस्कृति का संगम
शपथ ग्रहण समारोह का समय दोपहर 12:34 बजे तय किया गया है, जिसे शुभ मुहूर्त माना जा रहा है। इस दौरान सात शंख वादक शंखनाद करेंगे, जो हिंदू परंपरा में किसी भी शुभ कार्य की सफलता का प्रतीक माना जाता है।समारोह में 108 बटुक (वैदिक पुरोहित) स्वस्ति शांति का पाठ करेंगे, वहीं 16 बौद्ध भिक्षु अष्टमंगल का जाप करेंगे। यह अनुष्ठान नेपाल की धार्मिक विविधता और सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है।
कौन हैं बालेंद्र शाह?
बालेंद्र शाह ने साल 2022 में राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने काठमांडू के मेयर पद के लिए स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर सबको चौंका दिया।
27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में मधेसी परिवार में जन्मे शाह ने अपनी शुरुआती शिक्षा यहीं पूरी की। इसके बाद उन्होंने भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से संरचनात्मक अभियांत्रिकी (Structural Engineering) में मास्टर डिग्री हासिल की।
इंजीनियर से मेयर तक का सफर
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण बालेंद्र शाह को शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक कार्यों की गहरी समझ है। यही अनुभव उन्हें काठमांडू महानगरपालिका के मेयर के रूप में काम करते समय काफी मददगार साबित हुआ।
उनकी कार्यशैली और विकास के प्रति दृष्टिकोण ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई और अब वे राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व संभालने जा रहे हैं।
नई पीढ़ी के नेतृत्व का प्रतीक
बालेंद्र शाह का प्रधानमंत्री बनना नेपाल की राजनीति में बदलाव और नई पीढ़ी के उदय का संकेत माना जा रहा है। उन्होंने कम समय में ही अपनी अलग पहचान बनाई और जनता के बीच लोकप्रियता हासिल की।
