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नेपाल में बाढ़ का कहर: 579 मौतें, 2500 लोग लापता, भारत समेत 4 देशों की मदद लेगी सरकार

 
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नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। राहत और बचाव अभियान के बीच नेपाल सरकार ने अब विदेशी रेस्क्यू टीमों और विशेषज्ञों की सीमित मदद लेने को मंजूरी दे दी है। भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञ टनल रेस्क्यू, डीएनए जांच और शवों की पहचान में मदद करेंगे। इससे पहले नेपाल सरकार ने विदेशी सर्च एंड रेस्क्यू टीमों को अनुमति नहीं देने की बात कही थी।

बाढ़ से रसुवा और नुवाकोट जिलों में स्थित 14 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। कई सुरंगों में लोगों के फंसे होने की आशंका है और अब तक उनका पता नहीं चल पाया है। ऐसे में विदेशी विशेषज्ञों की मदद से सुरंगों में राहत और बचाव अभियान को गति देने की कोशिश की जा रही है।

579 लोगों की मौत, हजारों लोग अब भी लापता

नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ और आपदा में अब तक 579 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 1900 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 537 विदेशी नागरिक, 45 नेपाली सेना के जवान और 41 नेपाल पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। करीब 320 भारतीय नागरिकों के भी लापता या संपर्क से बाहर होने की जानकारी सामने आई है।

इसी बीच शुक्रवार को यह भी सामने आया कि इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO लक्ष गोपिसेट्टी नेपाल गए थे और बाढ़ के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

चीन में भी फंसे सैकड़ों भारतीय

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, चीन की ओर करीब 400 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। हालांकि सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। भारत उनके सुरक्षित स्वदेश लौटने के लिए चीनी अधिकारियों के संपर्क में है। वहीं, 153 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं।

तिब्बत में भी भारी नुकसान

बाढ़ और आपदा का असर तिब्बत तक भी पहुंचा है। वहां पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 558 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

चार फ्रांसीसी नागरिक अब भी लापता

नेपाल-तिब्बत सीमा पर मौजूद विदेशी नागरिकों को लेकर भी चिंता बनी हुई है। फ्रांस की विदेश मामलों की मंत्री प्रतिनिधि एलेनोर कैरोआ के मुताबिक, बाढ़ के समय करीब 80 फ्रांसीसी नागरिक नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर मौजूद थे। इनमें से 76 लोगों के बारे में जानकारी मिल चुकी है, जबकि चार फ्रांसीसी नागरिक अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश जारी है।

4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बताया कि बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे 191 मजदूर भी शामिल हैं।

प्रभावित इलाकों में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के कुल 15,431 जवानों को तैनात किया गया है। राहत कार्यों में हेलिकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है।

16 हेलिकॉप्टर लगातार कर रहे रेस्क्यू

नेपाली सेना और निजी क्षेत्र के 16 हेलिकॉप्टरों ने अब तक 99 उड़ानें भरकर प्रभावित इलाकों से लोगों को निकाला है। इन अभियानों के जरिए धुंचे, त्रिशूली, तिमुरे और स्याब्रुबेसी जैसे इलाकों से 517 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

फिलहाल ऊपरी त्रिशूली जलविद्युत परियोजना, रसुवागढ़ी जलविद्युत केंद्र और दूसरी सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकालना बचाव दलों की प्राथमिकता है।

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर जान-माल को नुकसान पहुंचाया है। हजारों लोग अब भी लापता हैं, जबकि सुरंगों और दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचना राहत टीमों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। विदेशी विशेषज्ञों की मदद मिलने के बाद अब रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आने की उम्मीद है।