174 यात्रियों वाले विमान को क्रैश करना चाहता था को-पायलट, सऊदी में पूछताछ के दौरान खोला राज
Flydubai Plane Attack: फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर पूछताछ में विमान को जानबूझकर क्रैश करने की इच्छा जताई। 30 सितंबर को उसने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट में हमला किया था। विमान में 174 यात्री सवार थे और बाद में सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
Flydubai Plane Attack: फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने पूछताछ में कथित तौर पर स्वीकार किया है कि वह विमान को जानबूझकर क्रैश करना चाहता था और उसे मौत का डर नहीं था। यह खुलासा 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुए कॉकपिट हमले की जांच के दौरान सामने आया है। हमले में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार घायल हुए थे और विमान को बाद में सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी।
पूछताछ में को-पायलट ने क्या कहा?
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब में पूछताछ के दौरान हमाम अल-हम्मामी ने कहा कि वह विमान को गिराना चाहता था और उसे मौत से डर नहीं था। यह जानकारी एक ऐसे सऊदी अधिकारी के हवाले से सामने आई है, जिसे पूछताछ के बारे में जानकारी दी गई थी। फिलहाल जांच एजेंसियां उसके इस बयान और हमले के पीछे के मकसद की पड़ताल कर रही हैं।
29 वर्षीय ओमानी नागरिक हमाम अल-हम्मामी को घटना के बाद सऊदी अरब में हिरासत में लिया गया था। अब उसे यूएई वापस लाया गया है, जहां मामले की आगे जांच चल रही है।
174 यात्रियों वाले विमान में क्या हुआ था?
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान को-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम ने कॉकपिट में रखी इमरजेंसी क्रैश एक्स का इस्तेमाल कर कैप्टन पर हमला किया। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा और कुछ ही समय में हजारों फीट नीचे आ गया। घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों ने हमलावर को काबू किया।
विमान को सऊदी अरब के ताबुक में स्थित Prince Sultan Bin Abdulaziz Airport की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस दौरान विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने भी विमान को स्थिर करने और लैंडिंग में मदद की।
भारतीय कैप्टन ने ऐसे बचाई 174 लोगों की जान
हमले के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी आंखों की रोशनी धुंधली हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश जारी रखी।
मच्छार ने बाद में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत में बताया कि उन्होंने पहली बार दरवाजा खोला तो को-पायलट ने उसे बंद कर दिया और वह जमीन पर गिर गए। इसके बाद उन्होंने दोबारा कोशिश की और दरवाजा खोल दिया। यात्रियों और चालक दल के लोगों ने तुरंत कॉकपिट में पहुंचकर हमाम को काबू कर लिया।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत में भी मच्छार ने घटना के दौरान यात्रियों को बचाने की अपनी कोशिश के बारे में बताया था। फिलहाल वह यूएई में इलाज करा रहे हैं और उनकी हालत में सुधार की जानकारी दी गई है।
हमाम अल-हम्मामी की पुरानी पृष्ठभूमि भी जांच के घेरे में
जांच अब सिर्फ विमान में हुए हमले तक सीमित नहीं है। एजेंसियां हमाम अल-हम्मामी की पुरानी पृष्ठभूमि और उसके संभावित कट्टरपंथी संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, वह पहले ओमान एयर से जुड़ा था और उसके बारे में कथित कट्टरपंथी विचारों से संबंधित चिंताएं सामने आने के बाद उसे उड़ान से हटाकर दूसरे काम में लगाया गया था। बाद में उसने फ्लाईदुबई में नौकरी की। यह भी जांच का हिस्सा है कि फ्लाईदुबई में नियुक्ति के समय उसकी पिछली पृष्ठभूमि की कितनी जानकारी उपलब्ध थी और उसका वेरिफिकेशन किस तरह किया गया था।
हमाम का जन्म यूएई में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई बताई जाती हैं। उसने ब्रिटेन में एविएशन मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी। जांच एजेंसियां उसके सीरिया में बिताए समय और ऑनलाइन गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं।
क्या यह आतंकी साजिश थी?
फिलहाल इस सवाल की जांच जारी है। यूएई के अधिकारियों ने कहा है कि जांच में घटना की पूरी परिस्थितियों, हमाम के मकसद और इस बात को देखा जा रहा है कि क्या इसका संबंध किसी आतंकवादी गतिविधि या उद्देश्य से था। सऊदी अरब और इजरायल की एजेंसियां भी मामले की जांच में शामिल हैं।
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने हमले के बाद हमाम के कथित कट्टरपंथी प्रभावों को लेकर टिप्पणी की थी, लेकिन जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट आने तक हमले को लेकर सभी पहलुओं को जांच के दायरे में रखा गया है।
अब जांच में क्या पता लगाया जा रहा है?
जांच एजेंसियां मुख्य रूप से तीन सवालों के जवाब तलाश रही हैं—हमाम ने हमला क्यों किया, क्या उसने अकेले इसकी योजना बनाई थी और क्या उसका किसी बाहरी संगठन या नेटवर्क से संबंध था। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि पहले सामने आई सुरक्षा चिंताओं के बावजूद उसे दोबारा कमर्शियल विमान के कॉकपिट तक कैसे पहुंच मिली।
फिलहाल सबसे बड़ा खुलासा उसका कथित बयान है कि वह विमान को क्रैश करना चाहता था और उसे मौत का डर नहीं था। हालांकि, यह जांच के दौरान सामने आया कथित बयान है; मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
