Friedrich Merz-Donald Trump मुलाकात: ईरान, यूक्रेन और टैरिफ पर गहन चर्चा
वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump से मुलाकात की। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू होने के बाद ट्रंप से मिलने वाले मर्ज पहले यूरोपीय नेता हैं। इस ऑपरेशन में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei और उनके कई करीबी सहयोगियों के मारे जाने की खबर है।
बैठक के दौरान मर्ज ने कहा कि तेहरान में “खौफनाक शासन” को हटाने के मुद्दे पर दोनों देश एकमत हैं और इसके बाद की संभावित स्थिति पर भी चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी पक्ष चाहते हैं कि युद्ध जल्द से जल्द समाप्त हो। वहीं ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात तो कही, लेकिन इसे औपचारिक रूप से युद्ध का घोषित लक्ष्य नहीं बताया। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी इसे आधिकारिक उद्देश्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया है।
यूक्रेन और वैश्विक सुरक्षा पर भी चर्चा
मर्ज ने यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई “खतरनाक तत्व” सक्रिय हैं और लोकतांत्रिक देशों को मिलकर चुनौतियों का सामना करना होगा। यूक्रेन में चार साल से अधिक समय से संघर्ष जारी है। ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती प्रशासन और यूरोपीय सहयोगियों की तुलना में यूक्रेन को अपेक्षाकृत कम समर्थन दिया है। रूस के साथ शांति समझौते के प्रयास भी अब तक सफल नहीं हो सके हैं।
पिछली यात्रा के बाद क्या बदला?
मर्ज की यह दूसरी व्हाइट हाउस यात्रा है। पिछले वर्ष जून में पहली मुलाकात के बाद उन्होंने बातचीत को “बेहद संतोषजनक” बताया था। हालांकि, कई प्रमुख मुद्दे अब भी जस के तस हैं। सबसे बड़ा बदलाव ईरान के खिलाफ शुरू हुआ ताजा युद्ध है, जिसने वैश्विक कूटनीति की दिशा बदल दी है।
टैरिफ विवाद फिर गरमाया
अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच पिछले वर्ष समझौते के बावजूद ट्रंप की टैरिफ नीति एक बार फिर विवाद का विषय बन गई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुछ टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के बाद ट्रंप ने सभी व्यापारिक साझेदारों पर 15 प्रतिशत नया टैरिफ लगाने की घोषणा की। इसके चलते स्थिति स्पष्ट होने तक यूरोपीय संघ ने समझौते की पुष्टि प्रक्रिया रोक दी है।
ग्रीनलैंड पर बयान से बढ़ी तल्खी
एक अन्य उभरता मुद्दा ग्रीनलैंड को लेकर है। ट्रंप अपने पहले कार्यकाल से ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की इच्छा जता चुके हैं। यह क्षेत्र डेनमार्क के अधीन एक अर्ध-स्वायत्त इलाका है। इस बयानबाजी से अमेरिका-यूरोप संबंधों में तनाव बढ़ा है और नाटो सहयोगियों के बीच भी असहजता देखी गई है।
कुल मिलाकर, मर्ज और ट्रंप की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया, यूक्रेन और वैश्विक व्यापार व्यवस्था—तीनों मोर्चों पर अनिश्चितता गहराती जा रही है।
