G7 Summit 2026: फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर PM मोदी, दुनिया के बड़े नेताओं से करेंगे बातचीत, भारत के लिए क्यों अहम है यह यात्रा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूरोप दौरे पर फ्रांस पहुंच चुके हैं। इस दौरान वह G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात करेंगे। यात्रा का फोकस रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, तकनीक और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करना है।
G7 Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने बहुप्रतीक्षित यूरोप दौरे के तहत फ्रांस पहुंच चुके हैं। यह दौरा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें G7 शिखर सम्मेलन, वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को मजबूती देने का अवसर भी शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा के दौरान कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे तथा भारत के आर्थिक, तकनीकी और कूटनीतिक हितों को आगे बढ़ाने पर जोर देंगे।
G7 शिखर सम्मेलन में ग्लोबल साउथ की आवाज बनेगा भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा से पहले स्पष्ट किया कि भारत G7 मंच पर सिर्फ अपने हितों का प्रतिनिधित्व नहीं करेगा, बल्कि विकासशील और उभरते देशों यानी ‘ग्लोबल साउथ’ की आकांक्षाओं और चिंताओं को भी मजबूती से उठाएगा। यह लगातार आठवां अवसर है जब भारत को G7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
मैक्रों के साथ रणनीतिक साझेदारी पर होगी चर्चा
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बैठक इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। दोनों नेता रक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, ऊर्जा, इंडो-पैसिफिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करेंगे। भारत और फ्रांस के बीच पहले से मौजूद विशेष रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने पर भी जोर रहेगा।
16 महीने बाद ट्रंप और मोदी की आमने-सामने मुलाकात
G7 सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच भी द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है। दोनों नेताओं की यह पहली प्रत्यक्ष मुलाकात लगभग 16 महीनों बाद होगी। चर्चा के प्रमुख विषयों में व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियां और आर्थिक सहयोग शामिल रहने की संभावना है।
स्लोवाकिया यात्रा बनेगी ऐतिहासिक
फ्रांस के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया का दौरा करेंगे। यह यात्रा इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक यात्रा होगी। इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, परिवहन, ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा होगी।
तकनीक और नवाचार पर भी रहेगा फोकस
यूरोप दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी तकनीक और नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। भारत वैश्विक टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। इसी क्रम में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की उपलब्धियों और संभावनाओं को भी प्रस्तुत किया जाएगा।
भारत-यूरोप संबंधों को मिलेगी नई गति
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत-फ्रांस, भारत-स्लोवाकिया और व्यापक भारत-यूरोप संबंधों को नई ऊर्जा देगा। G7 जैसे प्रभावशाली मंच पर भारत की सक्रिय भागीदारी वैश्विक मुद्दों पर उसकी बढ़ती भूमिका और प्रभाव को भी रेखांकित करती है।
