अगर 10 दिन में नहीं माना ईरान, तो होंगे गंभीर परिणाम: ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने तेहरान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अब ईरान के लिए अमेरिका द्वारा तय किए गए रास्ते पर चलने का समय आ गया है। अगर ईरान साथ आता है तो बेहतर होगा, लेकिन अगर वह पीछे हटता है तो हालात बिल्कुल अलग दिशा में जा सकते हैं।
ईरान को खुली चेतावनी
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में नहीं डाल सकता। उन्होंने दोहराया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। “अगर उनके पास परमाणु हथियार होंगे तो मिडिल ईस्ट में शांति संभव नहीं है,” ट्रंप ने कहा। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले 10 दिनों में स्थिति और साफ हो जाएगी—या तो समझौता होगा या फिर अमेरिका अगला कदम उठाएगा।
डील की संभावना पर जोर
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन ईरान के साथ समझौता करना आसान नहीं है। उन्होंने रिपब्लिकन नेता स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के कूटनीतिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों के ईरानी प्रतिनिधियों से अच्छे संबंध हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक “अच्छी डील” चाहता है, जो क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित कर सके।
संयुक्त राष्ट्र और ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर बड़ा ऐलान
ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के लिए 10 बिलियन डॉलर का योगदान देगा और संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड लगभग संयुक्त राष्ट्र पर नजर रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि संगठन प्रभावी तरीके से काम करे। ट्रंप के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए अमेरिका आर्थिक और संरचनात्मक सहयोग देगा।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी इस कूटनीतिक खींचतान ने मध्य पूर्व की स्थिति को एक बार फिर संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी नजरें आने वाले दिनों पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि दोनों देश समझौते की राह पकड़ते हैं या टकराव की दिशा में आगे बढ़ते हैं।
