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ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी से भड़का ईरान, ट्रंप को दी अमेरिकी जहाज डुबाने की धमकी

 
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मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव गहरा गया है। Donald Trump के नेतृत्व में United States ने Iran के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी (ब्लॉकेड) लागू कर दी है। यह फैसला इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद लिया गया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घोषणा की है कि ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी जहाजों की आवाजाही पर रोक रहेगी। इस कदम के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

ईरान की सख्त चेतावनी- ‘जहाज डुबा देंगे’

ईरान की ओर से इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार और पूर्व कमांडर Mohsen Rezaei ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने Strait of Hormuz में निगरानी बढ़ाई, तो ईरान अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाएगा।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी जहाज ईरान की मिसाइलों की जद में हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें नष्ट किया जा सकता है। रेजाई ने यह भी सवाल उठाया कि क्या होर्मुज स्ट्रेट की निगरानी करना अमेरिका का काम है।

सीजफायर पर भी मतभेद

रेजाई ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर को आगे बढ़ाने के खिलाफ भी अपनी राय जाहिर की। उन्होंने साफ कहा कि वह युद्धविराम बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं।

वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने साफ किया कि अमेरिका ने औपचारिक रूप से सीजफायर बढ़ाने का कोई अनुरोध नहीं किया है। उन्होंने यह भी बताया कि समुद्री प्रतिबंध सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि उसके बंदरगाहों से जुड़े अन्य देशों के जहाजों पर भी लागू होंगे।

क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सप्लाई पर असर डाल सकता है।

आगे क्या?

इस घटनाक्रम के बाद मध्य पूर्व में हालात और संवेदनशील हो गए हैं। एक तरफ बातचीत की कोशिशें जारी हैं, तो दूसरी ओर सैन्य टकराव का खतरा भी बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दोनों देश तनाव कम करने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं या हालात और बिगड़ते हैं।