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ईरान की अमेरिका और इजरायल को चेतावनी, समझौते का सम्मान नहीं, तो मिलेगा करारा जवाब

 
ईरान की अमेरिका और इजरायल को चेतावनी, समझौते का सम्मान नहीं, तो मिलेगा करारा जवाब
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Tehran/New Delhi : ईरान ने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि पिछले महीने हुए अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन (MoU) का पालन नहीं किया गया, तो तेहरान भी उसी स्तर पर जवाबी कार्रवाई करेगा। यह बयान ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रम से एक दिन पहले सामने आया है।

ईरानी संसद (मजलिस) के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने बेलारूस संसद के स्पीकर के साथ बैठक के दौरान कहा कि ईरान समझौते की सभी शर्तों के पालन की अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका और इजरायल अपने वादों से पीछे हटते हैं, तो ईरान भी उनके खिलाफ आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

'अमेरिका सैन्य ताकत से ईरान को नहीं हरा सकता'

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, गालिबाफ ने दावा किया कि अमेरिका अब यह समझ चुका है कि वह सैन्य ताकत के दम पर ईरान को पराजित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यदि समझौते का सम्मान नहीं किया गया तो तेहरान अपनी जवाबी रणनीति दोबारा लागू करेगा।

इजरायल समझौते से बना हुआ है अलग

रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते में इजरायल प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं था। इजरायल के प्रधानमंत्री *बेंजामिन नेतन्याहू* ने खुद को इस समझौते से अलग रखा है। हालांकि समझौते की शर्तें अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगियों पर लागू मानी जा रही हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्रीय संघर्ष को समाप्त करना है।

इजरायली अधिकारियों का कहना है कि यह समझौता उनके उस उद्देश्य को पूरा नहीं करता, जिसके तहत वे ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को समाप्त करना चाहते हैं।

4 से 9 जुलाई तक होगा अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रम

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम श्रद्धांजलि और अंतिम संस्कार कार्यक्रम का आयोजन 4 से 9 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। 4 और 5 जुलाई को तेहरान स्थित ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला में अंतिम दर्शन होंगे, जबकि 6 जुलाई को अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। 9 जुलाई को उनका पार्थिव शरीर मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

ईरानी विदेश मंत्री ने भी दी चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते के तहत वाशिंगटन की जिम्मेदारी है कि वह इजरायल को ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई या धमकी से रोके।

वहीं, इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने हाल ही में कहा था कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, चाहे अमेरिका और ईरान के बीच कोई भी समझौता क्यों न हो। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया था।