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लिंडसे ग्राहम की मौत पर ईरानी मीडिया का तीखा रिएक्शन, ट्रंप समेत अमेरिकी नेताओं पर विवादित टिप्पणी

 
लिंडसे ग्राहम की मौत पर ईरानी मीडिया का तीखा रिएक्शन, ट्रंप समेत अमेरिकी नेताओं पर विवादित टिप्पणी
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New Delhi : अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद ईरान के कई अखबारों और सरकारी मीडिया संस्थानों की प्रतिक्रियाएं चर्चा का विषय बन गई हैं। कुछ ईरानी मीडिया संस्थानों ने ग्राहम की मौत को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए अमेरिका के शीर्ष नेताओं को लेकर विवादित टिप्पणियां की हैं।

ईरानी अखबार हमशहरी ने अपने फ्रंट पेज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर प्रकाशित करते हुए ऐसी हेडलाइन दी, जिसका आशय था कि आगे भी अचानक मौतों की आशंका हो सकती है। अखबार में ट्रंप के साथ दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका-इजरायल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की तस्वीरें भी प्रकाशित की गईं।

वहीं, ईरानी अखबार वतन-ए-इमरूज ने 13 जुलाई के संस्करण में ग्राहम की मौत को प्रमुख खबर बनाते हुए उन्हें अमेरिका की ईरान विरोधी नीतियों का प्रमुख समर्थक बताया। अखबार ने उनकी मौत को अचानक बीमारी से हुई घटना के रूप में प्रकाशित किया।

कुछ ईरानी सरकारी मीडिया कार्यक्रमों में भी ग्राहम की मौत पर तीखी भाषा का इस्तेमाल किया गया। एक सरकारी टीवी प्रस्तोता ने लाइव कार्यक्रम के दौरान ग्राहम की मौत पर टिप्पणी करते हुए ईरानी जनता को बधाई तक दे दी। हालांकि, इन दावों या टिप्पणियों के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण पेश नहीं किया गया।

अमेरिका में जांच की मांग

ग्राहम की मौत के बाद अमेरिका के कुछ दक्षिणपंथी और MAGA समर्थक समूहों ने भी कई तरह की अटकलें लगाई हैं। कुछ लोगों ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की पूर्व धमकियों का हवाला देते हुए मामले की जांच की मांग की है। हालांकि, अब तक ऐसा कोई सार्वजनिक साक्ष्य सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि ग्राहम की मौत किसी विदेशी साजिश से जुड़ी हुई है।

लिंडसे ग्राहम अमेरिकी राजनीति के प्रभावशाली रिपब्लिकन नेताओं में गिने जाते थे। वे रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन को सैन्य सहायता देने के समर्थक रहे और इजरायल के पक्ष में लगातार मुखर रहे। साथ ही उन्होंने ईरान की मौजूदा सरकार के खिलाफ भी कई बार कड़ा रुख अपनाया था।