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क्या खत्म हो रहा है G7 का दबदबा? Putin बोले- अब BRICS तय करेगा दुनिया की दिशा, ट्रंप को आइना...

SPIEF 2026 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया कि BRICS आर्थिक आकार के मामले में G7 को पीछे छोड़ चुका है। उन्होंने कहा कि वैश्विक विकास का केंद्र अब ग्लोबल साउथ बन रहा है और BRICS देशों की अर्थव्यवस्था विकसित देशों से तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

 
BRICS Economy Growth
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BRICS Economy Growth: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF 2026) के मंच से वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि दुनिया की आर्थिक संरचना तेजी से बदल रही है और विकास का केंद्र अब पश्चिमी देशों से हटकर ग्लोबल साउथ की ओर शिफ्ट हो रहा है। पुतिन ने कहा कि आर्थिक आकार के मामले में BRICS समूह पहले ही G7 देशों को पीछे छोड़ चुका है और आने वाले वर्षों में यह अंतर और बढ़ेगा।

रूसी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार BRICS समूह की आलोचना कर रहे हैं और इसे अमेरिकी डॉलर के लिए चुनौती बताते रहे हैं।

SPIEF 2026 में पुतिन ने दिखाई BRICS की ताकत

SPIEF 2026 के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास के नए केंद्र उभर रहे हैं और इनमें BRICS देशों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों के वैश्विक GDP ग्रोथ आंकड़ों को देखें तो दुनिया की कुल वार्षिक आर्थिक वृद्धि का लगभग 49 प्रतिशत योगदान BRICS देशों का रहा है, जबकि G7 देशों की हिस्सेदारी केवल 18 प्रतिशत के आसपास रही है।

पुतिन ने जोर देकर कहा कि यह बदलाव अस्थायी नहीं बल्कि दीर्घकालिक है और भविष्य में भी यही रुझान जारी रहेगा।

“G7 की तुलना में BRICS की विकास दर कई गुना अधिक”

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि विकसित देशों के समूह G7 की आर्थिक वृद्धि दर जहां अधिकतम 1.1 प्रतिशत प्रतिवर्ष रहने का अनुमान है, वहीं BRICS देशों की औसत वृद्धि दर 4 प्रतिशत से अधिक रहने वाली है।

उन्होंने कहा कि BRICS समूह ने G7 को वर्ष 2020 में ही पीछे छोड़ दिया था और तब से दोनों के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है।

पुतिन के अनुसार BRICS केवल आर्थिक आकार में ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार में भी अपनी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ा रहा है।

BRICS के भीतर व्यापार 1 ट्रिलियन डॉलर के पार

पुतिन ने बताया कि BRICS देशों के बीच आपसी व्यापार अब सालाना 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है। साथ ही वैश्विक व्यापार में समूह की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि आज BRICS देश दुनिया के कुल निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं, जो इस बात का संकेत है कि भारत सहित उभरती अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक व्यापार का नया केंद्र बनती जा रही हैं।

“वैश्विक व्यापार और वित्तीय व्यवस्था का केंद्र बदल रहा है”

अपने संबोधन में पुतिन ने कहा कि लंबे समय तक दुनिया का व्यापार, पूंजी और सूचना प्रवाह कुछ चुनिंदा पश्चिमी देशों और वित्तीय केंद्रों के इर्द-गिर्द घूमता रहा, लेकिन अब यह व्यवस्था बदल रही है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार और वित्तीय प्रणाली का केंद्र पहले ही बदलना शुरू हो चुका है और आने वाले वर्षों में यह बदलाव और स्पष्ट दिखाई देगा।

रूसी राष्ट्रपति के मुताबिक ग्लोबल साउथ के देशों की बढ़ती आर्थिक ताकत इस परिवर्तन की सबसे बड़ी वजह है।

ट्रंप की आलोचना के बीच BRICS पर पुतिन का जोर

पुतिन की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप BRICS को लेकर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। ट्रंप पहले भी BRICS देशों पर अमेरिकी डॉलर को चुनौती देने का आरोप लगा चुके हैं और समूह पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की चेतावनी दे चुके हैं।

इसके बावजूद पुतिन ने स्पष्ट संकेत दिया कि BRICS देश वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में अपनी भूमिका को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

भारत निभा रहा है BRICS 2026 की अध्यक्षता

वर्तमान में भारत BRICS की 2026 अध्यक्षता संभाल रहा है। BRICS अब केवल पांच देशों का समूह नहीं रह गया है। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे नए सदस्य भी शामिल हो चुके हैं।

भारत की अध्यक्षता में BRICS 2026 का थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा गया है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।

वैश्विक शक्ति संतुलन बदलने के संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन का यह बयान केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शक्ति संतुलन में हो रहे बड़े बदलाव का संकेत भी है। ऊर्जा, व्यापार, वित्त और जनसंख्या के स्तर पर BRICS देशों की बढ़ती ताकत पश्चिमी देशों के प्रभुत्व को चुनौती दे रही है।

SPIEF 2026 के मंच से पुतिन का यह संदेश साफ था कि आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र पश्चिम से पूर्व और उत्तर से दक्षिण की ओर स्थानांतरित होता दिखाई दे सकता है, जिसमें BRICS की भूमिका निर्णायक होगी।