अगर मुझे हिरासत में लेने आए तो हमारी स्पेशल फोर्स तैयार है... नेतन्याहू का ICC को खुली चुनौती
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ICC के गिरफ्तारी वारंट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी देश ने उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की तो इजरायली स्पेशल फोर्स तैयार है। बयान न्यूयॉर्क दौरे और UN महासभा से पहले सामने आया है।
Benjamin Netanyahu Warns ICC: अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के गिरफ्तारी वारंट को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा और सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विदेशी सरकार ने ICC के वारंट के आधार पर उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की, तो इजरायल की स्पेशल फोर्स हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में उनकी संभावित यात्रा को लेकर नई बहस छिड़ी हुई है।
ICC वारंट पर नेतन्याहू का दो टूक संदेश
अमेरिका दौरे पर मौजूद बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें उन देशों की यात्रा करने में कोई झिझक नहीं है, जो ICC के गिरफ्तारी वारंट का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि संभावित गिरफ्तारी या किसी आपात स्थिति के बारे में वह पूरी तरह जागरूक हैं।
उन्होंने कहा, "मैंने पांच साल तक इजरायल की स्पेशल फोर्स में सेवा दी है। हमारे पास हर स्थिति से निपटने की क्षमता और तैयारी है।" उनके इस बयान को ICC के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।
क्या है ICC का मामला?
दरअसल, नवंबर 2024 में इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) ने गाजा युद्ध के दौरान कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। हालांकि, इजरायल ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए ICC के अधिकार क्षेत्र को मानने से इनकार किया है।
न्यूयॉर्क दौरे को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
यह विवाद तब और बढ़ गया जब न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा था कि यदि नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने न्यूयॉर्क आते हैं, तो उनकी गिरफ्तारी के विकल्पों पर चर्चा की जाएगी।
हालांकि, बाद में ममदानी अपने बयान से पीछे हट गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी विदेशी नेता की गिरफ्तारी का अधिकार स्थानीय प्रशासन के पास नहीं, बल्कि अमेरिकी संघीय सरकार के पास होता है। उन्होंने कहा कि वे केवल संघीय अधिकारियों से ICC के आदेश पर कार्रवाई करने का अनुरोध कर सकते हैं।
ममदानी पर बरसे नेतन्याहू
इंटरव्यू के दौरान नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। नेतन्याहू ने कहा, "मैं न्यूयॉर्क जरूर जाऊंगा और वहां सच बोलूंगा। नफरत फैलाने वालों के सामने भी सच ही रखा जाएगा। किसी भी समुदाय को दूसरे के खिलाफ भड़काना स्वीकार नहीं किया जा सकता।"
ट्रंप ने भी दिया था समर्थन
इस पूरे विवाद के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी नेतन्याहू का खुलकर समर्थन किया था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि अमेरिका में रहते हुए नेतन्याहू की गिरफ्तारी किसी भी हालत में नहीं होने दी जाएगी।
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका में भी ICC के अधिकार और उसके फैसलों को लेकर नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई।
UN महासभा से पहले बढ़ी अंतरराष्ट्रीय हलचल
सितंबर में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा से पहले नेतन्याहू का यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर ICC का गिरफ्तारी वारंट है, तो दूसरी ओर इजरायल और उसके सहयोगी देश इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि नेतन्याहू न्यूयॉर्क जाते हैं या नहीं और यदि जाते हैं तो इस पूरे विवाद का आगे क्या असर पड़ता है।
