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इवांका को मारना होगा... ट्रंप की बेटी की हत्या की साजिश का खुलासा, ईरान समर्थित आतंकी को IRGC ने दी थी ट्रेनिंग

अमेरिका में इवांका ट्रंप की हत्या की कथित साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। ईरान समर्थित आतंकी मोहम्मद अल-सादी पर आरोप है कि उसने कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए ट्रंप परिवार को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। जांच में फ्लोरिडा स्थित इवांका के घर का ब्लूप्रिंट भी मिला।

 
Ivanka Trump Assassination Plot
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Ivanka Trump Assassination Plot: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को कथित तौर पर हत्या की साजिश का निशाना बनाया गया था। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान समर्थित आतंकी संगठन से जुड़े एक प्रशिक्षित ऑपरेटिव ने इवांका ट्रंप की हत्या की योजना बनाई थी। जांच में उसके पास इवांका के फ्लोरिडा स्थित घर का ब्लूप्रिंट और धमकी भरे संदेश भी मिले हैं।
तुर्की में गिरफ्तारी के बाद खुला बड़ा राज

रिपोर्ट्स के अनुसार, 32 वर्षीय इराकी नागरिक मोहम्मद बाकेर साद दाऊद अल-सादी को 15 मई को तुर्की में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया। अमेरिकी जांच एजेंसियों का दावा है कि वह ईरान के शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ा हुआ था।

अल-सादी पर आरोप है कि वह 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था। इसी बदले की भावना में उसने ट्रंप परिवार को निशाना बनाने की योजना बनाई।

इवांका ट्रंप के घर की रेकी करने का आरोप

जांच एजेंसियों के मुताबिक, अल-सादी के पास से इवांका ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित आलीशान घर का ब्लूप्रिंट मिला। बताया जा रहा है कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी उस इलाके का नक्शा साझा किया था, जहां इवांका ट्रंप और उनके पति जैरेड कुशनर का करोड़ों डॉलर का घर मौजूद है।

पोस्ट के साथ उसने कथित तौर पर लिखा था — “बदला सिर्फ समय की बात है।”

उसके संदेशों में अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती देने जैसी बातें भी कही गई थीं। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह केवल ऑनलाइन धमकी नहीं थी, बल्कि इसके पीछे गंभीर साजिश की तैयारी चल रही थी।

कासिम सुलेमानी की मौत के बाद बढ़ी नफरत

अमेरिका ने 3 जनवरी 2020 को बगदाद एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले में IRGC की कुद्स फोर्स के प्रमुख कासिम सुलेमानी को मार गिराया था। उस समय डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति थे।

बताया जा रहा है कि अल-सादी सुलेमानी को अपना मार्गदर्शक मानता था और उसकी मौत के बाद वह गहरे गुस्से में था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, वह अक्सर अपने साथियों से कहता था कि वह “ट्रंप के घर को उसी तरह जलाना चाहता है, जैसे हमारे घर को जलाया गया।”

कौन है मोहम्मद अल-सादी?

अल-सादी का जन्म बगदाद में हुआ था। उसकी मां इराकी थीं, जबकि पिता अहमद काजमी ईरानी ब्रिगेडियर जनरल बताए जाते हैं। बचपन में ही उसे तेहरान भेजा गया, जहां उसने IRGC के साथ प्रशिक्षण लिया।

2006 में उसके पिता की मौत के बाद कासिम सुलेमानी उसके बेहद करीबी बन गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों के बीच पिता-पुत्र जैसा रिश्ता था। यही कारण था कि सुलेमानी की मौत ने उसे कट्टर बदले की भावना से भर दिया।

कई अंतरराष्ट्रीय हमलों में शामिल होने का आरोप

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, अल-सादी केवल ट्रंप परिवार को निशाना बनाने तक सीमित नहीं था। उस पर यूरोप और कनाडा में कई हमलों की साजिश में शामिल होने के आरोप भी हैं।

उसका नाम एम्स्टर्डम में बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलॉन पर बम हमले, लंदन में यहूदी नागरिकों पर हमले और टोरंटो स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास हुई गोलीबारी से भी जोड़ा गया है।

वह ईरान समर्थित इराकी शिया संगठन ‘कताइब हिज्बुल्लाह’ से भी जुड़ा बताया जा रहा है, जिसे अमेरिका पहले ही आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है।

अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

इस खुलासे के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। ट्रंप परिवार की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। इवांका ट्रंप और जैरेड कुशनर पहले से ही अमेरिकी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच यह मामला आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों को और ज्यादा संवेदनशील बना सकता है।