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Lindsey Graham Death: ट्रंप के सबसे भरोसेमंद सहयोगी लिंडसे ग्राहम नहीं रहे, अचानक मौत से अमेरिका में शोक

अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर और डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की उम्र में अचानक बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन पर ट्रंप ने भावुक श्रद्धांजलि दी। ग्राहम अमेरिकी विदेश नीति, ईरान और रूस जैसे मुद्दों पर अपने सख्त रुख के लिए जाने जाते थे।
 
Lindsey Graham Death
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Lindsey Graham Death: अमेरिका की राजनीति से रविवार को एक बड़ी खबर सामने आई। दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ सीनेटर और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि शनिवार शाम एक संक्षिप्त और अचानक हुई बीमारी के कारण उनका निधन हुआ। हालांकि बीमारी की प्रकृति या मौत के कारण के बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई।

कार्यालय ने जारी किया आधिकारिक बयान

लिंडसे ग्राहम के कार्यालय ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में उनके निधन की पुष्टि करते हुए परिवार की ओर से गोपनीयता बनाए रखने की अपील की। बयान में कहा गया कि इस कठिन समय में परिवार सभी से प्रार्थनाओं और सहयोग की अपेक्षा करता है।

डोनाल्ड ट्रंप ने दी भावुक श्रद्धांजलि

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि लिंडसे ग्राहम उन सबसे बेहतरीन लोगों और सीनेटरों में से एक थे जिन्हें वह जानते थे। ट्रंप ने उन्हें "सच्चा अमेरिकी देशभक्त" बताते हुए कहा कि उनके निधन से देश ने एक समर्पित जनप्रतिनिधि खो दिया है और उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।

दो दशक से ज्यादा समय तक अमेरिकी सीनेट में रहे सक्रिय

लिंडसे ग्राहम वर्ष 2002 में पहली बार दक्षिण कैरोलिना से अमेरिकी सीनेट के लिए चुने गए थे। इससे पहले वह प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के सदस्य भी रह चुके थे। राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा और विदेश नीति के मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी और वे लंबे समय तक रिपब्लिकन पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में शामिल रहे।

ईरान और रूस पर सख्त रुख के लिए थे चर्चित

ग्राहम अमेरिकी विदेश नीति के सबसे मुखर नेताओं में गिने जाते थे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल नीति और क्षेत्रीय गतिविधियों के खिलाफ वह लगातार कड़ा रुख अपनाते रहे। उन्होंने ईरान के खिलाफ सख्त प्रतिबंधों और सैन्य कार्रवाई के पक्ष में कई बार खुलकर बयान दिए। हाल के वर्षों में रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों की भी उन्होंने जोरदार वकालत की थी।

2016 में राष्ट्रपति पद की दौड़ में भी उतरे थे

लिंडसे ग्राहम ने 2016 में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की भी कोशिश की थी। हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। बाद में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों के संबंध मजबूत हुए और ग्राहम ट्रंप के सबसे भरोसेमंद राजनीतिक सहयोगियों और सलाहकारों में शामिल हो गए। विदेश नीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर ट्रंप उनसे नियमित सलाह लेते थे।

अमेरिकी राजनीति में छोड़ गए गहरी छाप

करीब तीन दशक लंबे सार्वजनिक जीवन में लिंडसे ग्राहम ने रक्षा, न्यायपालिका, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रभावशाली भूमिका निभाई। उनके निधन से रिपब्लिकन पार्टी के साथ-साथ अमेरिकी राजनीति को भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है। दक्षिण कैरोलिना की सीनेट सीट अब रिक्त हो गई है, जिसके लिए राज्य के नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।