PM मोदी के इंडोनेशिया दौरे से कई बड़े समझौते तय: ब्रह्मोस मिसाइल से लेकर EVM और क्रिटिकल मिनरल्स तक बनेगी नई साझेदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन दिवसीय इंडोनेशिया दौरे में रक्षा, ब्रह्मोस मिसाइल, Astra मिसाइल, EVM तकनीक, क्रिटिकल मिनरल्स और सबांग पोर्ट परियोजना पर बड़े समझौतों की उम्मीद है। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने और व्यापार, तकनीक व समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
PM Modi Indonesia Visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 6 जुलाई से शुरू हुआ तीन दिवसीय इंडोनेशिया दौरा भारत और इंडोनेशिया के रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है। इस दौरान रक्षा, तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals), समुद्री सुरक्षा और कनेक्टिविटी जैसे कई अहम क्षेत्रों में बड़े फैसले होने की उम्मीद है। दोनों देश व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।
इंडोनेशिया के लिए भारत विकसित करेगा विशेष EVM
इस दौरे की सबसे अहम उपलब्धियों में से एक चुनावी तकनीक के क्षेत्र में सहयोग है। भारत इंडोनेशिया की जरूरतों के अनुरूप विशेष इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में सहयोग करेगा। इसे भारत की चुनावी तकनीक और अनुभव पर अंतरराष्ट्रीय भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।
भारत से Astra मिसाइल खरीदेगा इंडोनेशिया
रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत होने जा रहा है। इंडोनेशिया ने भारत में विकसित Astra एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय मिसाइल प्रणाली के प्रदर्शन के बाद इंडोनेशिया ने इस दिशा में रुचि दिखाई है।
ब्रह्मोस मिसाइल सहयोग का होगा विस्तार
इंडोनेशिया अपनी समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए भारत से अतिरिक्त ब्रह्मोस तटीय रक्षा मिसाइल बैटरियां लेने की तैयारी में है। इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।
क्रिटिकल मिनरल्स में बढ़ेगा निवेश
दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने पर भी सहमति बनने की संभावना है। भारत इंडोनेशिया में स्टील, निकेल और रेयर अर्थ मैग्नेट के निर्माण क्षेत्र में निवेश करेगा। इससे दोनों देशों के औद्योगिक और रणनीतिक हितों को बल मिलेगा।
सबांग पोर्ट परियोजना को मिलेगी रफ्तार
भारत और इंडोनेशिया सबांग पोर्ट के संयुक्त विकास पर भी आगे बढ़ेंगे। मलक्का जलडमरूमध्य के पास स्थित यह बंदरगाह समुद्री व्यापार और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट के भी काफी करीब स्थित है, जिससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की मौजूदगी और मजबूत होगी।
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से हुई द्विपक्षीय वार्ता
जकार्ता पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ राष्ट्रपति भवन इस्ताना मर्देका में द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने रक्षा, तकनीक, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई अहम मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
