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8 साल बाद इजरायल जाएंगे PM मोदी, रक्षा-AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर होंगे बड़े समझौते

 
PM Modi Israel Visit
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PM Modi Israel Visit: लगभग आठ वर्षों के अंतराल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सप्ताह इजरायल की महत्वपूर्ण यात्रा पर जा रहे हैं। इस यात्रा को भारत-इजरायल रणनीतिक संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। नई दिल्ली में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने दैनिक जागरण के सहायक संपादक जयप्रकाश रंजन से विशेष बातचीत में इस यात्रा के एजेंडे और द्विपक्षीय संबंधों की दिशा पर विस्तार से चर्चा की।

राजदूत ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान रक्षा, प्रौद्योगिकी और कारोबारी सहयोग के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौते होने की संभावना है, जो दोनों देशों के संबंधों को नए स्तर पर ले जाएंगे।

राजदूत रुवेन अजार ने कहा कि वर्ष 2025 भारत-इजरायल संबंधों के लिए एक तरह से क्रांतिकारी वर्ष साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले 30 वर्षों में दोनों देशों ने आपसी भरोसे की मजबूत नींव तैयार की, लेकिन बीते एक वर्ष में दो महत्वपूर्ण घटनाओं ने इस साझेदारी को और मजबूत किया।

उन्होंने कहा कि इजरायल हाल ही में अपने इतिहास के सबसे लंबे और कठिन युद्ध से बाहर आया और विजयी रहा। वहीं भारत ने भी यह स्पष्ट संदेश दिया कि वह सीमा पार आतंकवाद को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा और चुनौती देने वालों को कड़ी प्रतिक्रिया मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इन साझा अनुभवों ने दोनों देशों को यह एहसास कराया कि कठिन समय में सच्चा मित्र कौन होता है। पिछले 15 महीनों में दोनों देशों के बीच नौ मंत्री स्तरीय दौरे हुए, जिनमें सात इजरायल के मंत्री भारत आए और भारत के दो वरिष्ठ मंत्री पीयूष गोयल और एस. जयशंकर ने इजरायल का दौरा किया।

इसके अलावा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश संधि और सुरक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। साथ ही इजरायल में भारतीय कामगारों की संख्या भी दोगुनी हुई है। उन्होंने बताया कि आने वाले पांच वर्षों में रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।

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इस सवाल के जवाब में इजरायल के राजदूत ने कहा कि वह ज्यादा विस्तृत जानकारी साझा नहीं कर सकते, लेकिन यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने संकेत दिया कि इस दौरान रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा समझौता होगा, जो दोनों देशों के सहयोग को नए स्तर पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि अब सहयोग केवल रक्षा उपकरणों की आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दोनों देश संवेदनशील और उन्नत रक्षा तकनीकों पर संयुक्त रूप से काम करेंगे।

राजदूत ने यह भी बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी दोनों देश ठोस कदम उठाने जा रहे हैं। इसमें केवल अनुसंधान ही नहीं, बल्कि संयुक्त डेटा सेंटर की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक, तकनीकी और आर्थिक साझेदारी को और अधिक गहरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।