PM Modi Norway Visit: 43 साल बाद भारतीय PM की नॉर्वे यात्रा, ग्रीन टेक और LPG डील पर टिकी दुनिया की नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे दौरे पर तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। 43 साल बाद किसी भारतीय PM की यह ऐतिहासिक यात्रा है। ग्रीन टेक्नोलॉजी, LPG सप्लाई, निवेश और व्यापार से जुड़े 30 से ज्यादा समझौतों पर दुनिया की नजर टिकी हुई है।
PM Modi Norway Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के विदेश दौरे के तहत अब नॉर्वे पहुंचने वाले हैं। इससे पहले वे यूएई, नीदरलैंड और स्वीडन का दौरा कर चुके हैं। नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में पीएम मोदी दो दिनों तक रुकेंगे और 19 मई को होने वाले तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरे को भारत और नॉर्डिक देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
करीब 43 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह नॉर्वे दौरा होने जा रहा है। ऐसे में इस यात्रा पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग के लिहाज से पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।
ग्रीन टेक्नोलॉजी और LPG सप्लाई पर हो सकती हैं बड़ी डील
नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान 30 से अधिक व्यापारिक और तकनीकी समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
इनमें ग्रीन टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी, समुद्री सहयोग और एलपीजी सप्लाई से जुड़े समझौते सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। दोनों देश स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि नॉर्वे की कंपनियां भारत में हरित ऊर्जा और सतत विकास परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने की तैयारी में हैं।
भारत में नॉर्वे का बड़ा निवेश, नए ऐलानों की उम्मीद
नॉर्वे पहले से ही भारत के लिए एक अहम निवेशक देश बना हुआ है। नॉर्वे के सरकारी फंड का भारतीय शेयर बाजार में लगभग 28 अरब डॉलर का निवेश बताया जा रहा है। पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान नए निवेश प्रस्तावों और आर्थिक सहयोग की घोषणा भी संभव मानी जा रही है। भारत और नॉर्वे के बीच समुद्री व्यापार, ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और रिसर्च सेक्टर में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी चर्चा होगी।
भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों पर होगी चर्चा
ओस्लो में होने वाले तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में नॉर्वे सहित कई नॉर्डिक देशों के शीर्ष नेता शामिल होंगे। इस दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और नई तकनीकों पर सहयोग को लेकर चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे, जिसमें व्यापार, रक्षा, तकनीक और निवेश जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
स्वीडन में हुआ भव्य स्वागत, रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति
नॉर्वे पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन दौरे पर थे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन स्वयं एयरपोर्ट पर पीएम मोदी की अगवानी करने पहुंचे।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार’ से सम्मानित किया गया। दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को लेकर अहम बातचीत हुई।
पीएम मोदी और स्वीडिश प्रधानमंत्री ने भारत-स्वीडन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। इसके अलावा भारत और यूरोप के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को जल्द लागू करने पर भी जोर दिया गया।
आतंकवाद और वैश्विक सुरक्षा पर भी भारत का सख्त संदेश
स्वीडन दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी भारत का स्पष्ट रुख दुनिया के सामने रखा। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुट कार्रवाई जरूरी है। पीएम मोदी का यह यूरोप दौरा सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक रणनीतिक भूमिका को भी मजबूत करेगा।
