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Qatar-Iran Tension: ईरान के 3 पायलटों को हिरासत में लेने से कतर का इनकार, एक के शव मिलने का दावा

ईरान ने दावा किया है कि मार्च में विमान गिराए जाने के बाद उसके तीन सैन्य पायलटों को कतर ने जिंदा पकड़ लिया था। कतर ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसकी सर्च टीम को एक पायलट के अवशेष मिले हैं। मामले में ईरान ने रेड क्रॉस से मदद मांगी है।

 
Qatar-Iran Tension
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Qatar-Iran Tension:  ईरान और कतर के बीच तीन लापता सैन्य पायलटों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ईरान ने दावा किया कि मार्च में लड़ाकू विमान गिराए जाने के बाद उसके तीन पायलटों को कतर की सेना ने जिंदा पकड़ लिया था। कतर ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उसकी सर्च एंड रेस्क्यू टीम को एक पायलट के अवशेष मिले थे।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी संघर्ष का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने इस मामले में इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) से हस्तक्षेप की अपील भी की है।

ईरान का दावा- तीन पायलट कतर की हिरासत में

ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हवाले से बताया कि मार्च में एक सैन्य अभियान के दौरान विमानों को निशाना बनाए जाने के बाद तीन ईरानी पायलटों ने इजेक्ट किया था। ईरान का दावा है कि इसके बाद कतर की सेना ने उन्हें जिंदा पकड़ लिया और तब से वे उसकी हिरासत में हैं।

ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने भी शनिवार को एक पत्र जारी कर ICRC से पायलटों के बारे में जानकारी जुटाने और उनकी रिहाई में मदद करने की अपील की। ईरान ने कहा कि वह लापता पायलटों की स्थिति स्पष्ट करना चाहता है।

कतर ने आरोपों को बताया गलत

ईरान के दावे के तुरंत बाद कतर के विदेश मंत्रालय ने इसे खारिज कर दिया। कतर के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने बताया कि मार्च में ईरानी पायलटों ने कतर के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था और अधिकारियों की ओर से संपर्क करने की कई कोशिशों का कोई जवाब नहीं मिला।

कतर के मुताबिक, इसके बाद उसकी सर्च एंड रेस्क्यू टीमों ने अभियान चलाया और एक पायलट के अवशेष बरामद किए। कतर ने कहा कि उसने ईरान से अवशेष सौंपने के लिए संपर्क भी किया था।

ईरान को ऑपरेशन की जानकारी देने का दावा

कतर का कहना है कि उसने ईरान को घटना और अपने सर्च ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी की समीक्षा करने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन तेहरान की ओर से इस निमंत्रण पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

इस तरह दोनों देशों के दावों में बड़ा अंतर सामने आया है। ईरान तीन पायलटों के जिंदा होने और कतर की हिरासत में होने की बात कह रहा है, जबकि कतर केवल एक पायलट के अवशेष मिलने की जानकारी दे रहा है।

मार्च में क्या हुआ था?

यह घटना उस समय की है जब 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले शुरू हुए थे। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।

इसी दौरान ईरानी विमानों ने कतर के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया था। कतर ने अपनी सीमा की रक्षा के लिए कार्रवाई की थी। उस समय कतर ने दो ईरानी Su-24 विमानों को मार गिराने की बात कही थी।

ईरान का आरोप है कि ये विमान कतर में मौजूद एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने के मिशन पर थे। वहीं कतर का कहना है कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में घुसे विमानों के खिलाफ कार्रवाई की।

रेड क्रॉस से मदद की अपील क्यों अहम?

तीन पायलटों को लेकर ईरान के दावे के बाद मामला अंतरराष्ट्रीय मानवीय संस्था ICRC तक पहुंच गया है। ईरान चाहता है कि रेड क्रॉस इस मामले की जानकारी जुटाए और अगर पायलट वास्तव में हिरासत में हैं तो उनकी स्थिति स्पष्ट करने में मदद करे।

फिलहाल कतर ने तीनों पायलटों को हिरासत में रखने के आरोप को पूरी तरह खारिज किया है। ऐसे में दोनों देशों के दावों के बीच सच्चाई सामने आने के लिए आगे की जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।

खाड़ी क्षेत्र में पहले से बढ़ा हुआ है तनाव

ईरान और कतर के बीच पायलटों को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष के कारण खाड़ी देशों की सुरक्षा, हवाई क्षेत्र और समुद्री मार्गों पर भी दबाव बढ़ा है।