नेपाल में फिर बारिश का अलर्ट! बाढ़ से 734 की मौत, 2,400 से ज्यादा लापता, भारत ने भेजी राहत की चौथी खेप
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। मध्य नेपाल में अचानक आई बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। अब तक आठ प्रभावित जिलों से 734 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2,400 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव टीमें लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। इसी बीच नेपाल के मौसम विभाग ने प्रभावित इलाकों में फिर बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी की चेतावनी जारी की है, जिससे बचाव अभियान के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
बढ़ा बाढ़ का बहाव, अलर्ट जारी
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने बताया कि रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में बाढ़ का बहाव कुछ और बढ़ा है। इसके बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन समेत प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों और राहत-बचाव दलों को सतर्क रहने की अपील की गई है। प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
ग्लेशियर टूटने के बाद मची तबाही
बताया जा रहा है कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बर्फ, चट्टानों और मलबे का बड़ा हिस्सा नीचे की ओर आया। इसके साथ भारी मात्रा में पानी और कीचड़ भी बहता हुआ मध्य नेपाल के कई इलाकों में पहुंच गया। तेज बहाव ने कई गांवों और शहरी इलाकों को प्रभावित किया। सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। कई जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
2,500 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
राहत एवं बचाव अभियान के दौरान अब तक करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि, प्रभावित क्षेत्रों में रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण बचाव दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
108 भारतीय नागरिक सुरक्षित बचाए गए
भारत सरकार भी नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 29 अगस्त 2026 की रात 10:30 बजे तक 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, जबकि 50 अन्य भारतीय नागरिकों से दोबारा संपर्क स्थापित हो चुका है।
मंत्रालय के अनुसार, करीब 275 भारतीय नागरिक अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 128 भारतीय मूल के लोगों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। चीन से 598 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 900 भारतीय नागरिक अभी चीन में ही हैं और सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
भारत ने भेजी राहत सामग्री की चौथी खेप
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री की चौथी खेप भेजी है। करीब 11 टन राहत सामग्री लेकर एक और उड़ान नेपाल के लिए रवाना हुई। इसके अलावा 230 फीट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए 16 ट्रक उपकरण नेपाल पहुंच चुके हैं।
भारत अब तक करीब 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचा चुका है। इसमें जरूरी दवाएं, खाद्य सामग्री, पोर्टेबल जनरेटर, पानी शुद्ध करने वाली गोलियां और अन्य जरूरी उपकरण शामिल हैं। सात और बेली ब्रिज के निर्माण के लिए जरूरी उपकरण भी जल्द भेजे जाने हैं।
नेपाल से सुरक्षित नागपुर लौटे भारतीय पर्यटक
इस बीच नेपाल में फंसे भारतीय पर्यटकों का एक समूह महाराष्ट्र के नागपुर लौट आया। एक पर्यटक ने बताया कि जिस इलाके में बाढ़ आई, वह उनके ठिकाने से करीब 50 किलोमीटर दूर था। बाढ़ के कारण वे काठमांडू में फंस गए थे। बाद में महाराष्ट्र सरकार की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया और वे नागपुर लौट सके।
नेपाल में लगातार बिगड़ते मौसम और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों की तलाश, राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं।
