आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे? UNGA में हाफिज सईद पर सवालों से बचते दिखे पाक PM शहबाज शरीफ
UNGA 2026: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर आतंकवाद और लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ा। पत्रकारों ने उनसे पूछा कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेगा और हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाया जाएगा। शहबाज शरीफ ने दोनों सवालों का कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए।
शहबाज शरीफ गुरुवार को 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के लिए न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचे थे। अगले दिन उन्हें महासभा के उच्चस्तरीय सत्र को संबोधित करना था। इसी दौरान पत्रकारों ने पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े रिकॉर्ड और हाफिज सईद पर कार्रवाई को लेकर सीधे सवाल किए।
‘आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?’
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में प्रवेश करते समय एक पत्रकार ने शहबाज शरीफ से पूछा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया और बिना प्रतिक्रिया दिए आगे बढ़ गए।
बाद में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से निकलते समय भी पत्रकारों ने उन्हें घेरा। इस बार उनसे पूछा गया कि पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाएगा। इस सवाल पर भी शहबाज शरीफ ने कोई जवाब नहीं दिया।
हाफिज सईद पर क्यों उठते हैं सवाल?
हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मामले में भारत का प्रमुख वांछित आरोपी रहा है। वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकियों में भी शामिल है। भारत लंबे समय से पाकिस्तान से उसके खिलाफ प्रभावी और सत्यापन योग्य कार्रवाई की मांग करता रहा है।
हालिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की बड़ी साजिश से जुड़े आरोपों में भी हाफिज सईद का नाम लिया है।
UNGA के मंच पर भी भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव
शहबाज शरीफ का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। भारत लगातार पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है और इस्लामाबाद से आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग करता रहा है।
ऐसे में UN मुख्यालय के बाहर हाफिज सईद और आतंकवाद को लेकर पूछे गए सवालों पर शहबाज शरीफ की चुप्पी चर्चा का विषय बन गई है।
भारत पहले भी उठा चुका है आतंकवाद का मुद्दा
भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करता रहा है। खासतौर पर लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों और उनके नेताओं को लेकर भारत का रुख काफी सख्त रहा है।
UNGA के दौरान भी भारत की ओर से पाकिस्तान के आतंकवाद संबंधी रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में शहबाज शरीफ से हाफिज सईद पर सीधे सवाल पूछे जाने के बाद उनका जवाब न देना इस पूरे घटनाक्रम का प्रमुख हिस्सा बन गया।
