सिंगापुर : मेंटेनेंस से बचने को छोड़ी 6 करोड़ की नौकरी, अदालत ने उल्टा ठोक दिया भारी जुर्माना
Singapore : तलाक और गुजारा भत्ता से जुड़े मामलों में एक अहम फैसला सामने आया है। सिंगापुर की अदालत ने एक ऐसे व्यक्ति को पत्नी और बच्चों के भरण-पोषण के लिए करीब 5 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया है, जिसकी कभी सालाना आय लगभग 6 करोड़ रुपये थी। कोर्ट ने माना कि पति ने जानबूझकर नौकरी छोड़कर मेंटेनेंस से बचने की कोशिश की।
क्या है पूरा मामला
यह मामला कनाडा के रहने वाले एक शख्स से जुड़ा है, जो एक मल्टीनेशनल कंपनी के सिंगापुर ऑफिस में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2013 में वह पत्नी और चार बच्चों के साथ सिंगापुर शिफ्ट हुआ था। साल 2023 में उसकी सालाना आय S$860,000 (करीब 6.13 करोड़ रुपये) थी।
परिवार छोड़ने के बाद बढ़ा विवाद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगस्त 2023 में व्यक्ति ने पत्नी और बच्चों को छोड़कर दूसरी महिला के साथ रहना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने पत्नी को हर महीने S$20,000 (लगभग 15.5 लाख रुपये) गुजारा भत्ता देने का प्रस्ताव रखा, जिसे बाद में घटाकर S$11,000 कर दिया गया। व्यवस्था को नाकाफी बताते हुए पत्नी ने 2 अक्टूबर 2023 को सिंगापुर के वीमेन चार्टर कानून के तहत कोर्ट में मेंटेनेंस की अर्जी दाखिल की। महिला का आरोप था कि पति ने परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं दी।
नौकरी छोड़कर देश छोड़ा
कोर्ट में याचिका दाखिल होने के कुछ दिन बाद ही 9 अक्टूबर 2023 को पति ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और जनवरी 2024 में सिंगापुर छोड़कर कनाडा लौट गया। इस दौरान अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था, जिसे बाद में वर्चुअल सुनवाई में शामिल होने पर रद्द कर दिया गया।
अदालत ने पति की इस दलील को खारिज कर दिया कि पत्नी की वजह से उसकी छवि खराब हुई और उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। कोर्ट ने कहा कि यह कदम जानबूझकर उठाया गया ताकि गुजारा भत्ता देने से बचा जा सके।
करीब 5 करोड़ रुपये का आदेश
कोर्ट ने आदेश दिया कि सितंबर 2023 से सितंबर 2025 तक की कुल मेंटेनेंस राशि S$788,300 होगी, जो भारतीय मुद्रा में करीब 5 करोड़ रुपये है। हालांकि पति पहले ही लगभग 1 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है और अब भी करीब 4 करोड़ रुपये देना बाकी है। इस फैसले के खिलाफ पति ने ऊपरी अदालत में अपील दायर की है। अपील पर अंतिम निर्णय आने तक एकमुश्त भुगतान के आदेश पर रोक लगा दी गई है।
