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ट्रैफिक कैमरा से ट्रैकिंग - फिर एयर स्ट्राइक, ऐसे हुई ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या

मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायली खुफिया एजेंसियों ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों और मोबाइल टावरों की निगरानी कर अली खामेनेई की गतिविधियों को ट्रैक किया। 28 फरवरी को हुए एयर स्ट्राइक में उनकी मौत का दावा है। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

 
अली खामेनेई की हत्या
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Ali Khamenei Death: ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली खुफिया तंत्र ने वर्षों तक तेहरान के ट्रैफिक कैमरा नेटवर्क और मोबाइल टावरों की निगरानी कर ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रखी। 28 फरवरी को तेहरान के एक कंपाउंड में हुए हमले में उनकी मौत हो गई थी।

ट्रैफिक कैमरों और मोबाइल टावरों में सेंध का दावा

एक विदेशी अखबार की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि तेहरान के ट्रैफिक कैमरों की फुटेज को एन्क्रिप्ट कर तेल अवीव और दक्षिणी इजरायल स्थित सर्वरों तक पहुंचाया गया। दावा है कि इसी निगरानी के जरिए सुरक्षा अधिकारियों की दिनचर्या और वाहन गतिविधियों का विश्लेषण किया गया।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मोबाइल टावरों के डेटा से मूवमेंट पैटर्न को मॉनिटर किया गया, जिससे संबंधित स्थानों की सटीक जानकारी जुटाई गई।

‘पैटर्न ऑफ लाइफ’ पर महीनों नजर

रिपोर्ट के अनुसार, लक्ष्य तक पहुंचने के लिए तथाकथित “पैटर्न ऑफ लाइफ” यानी सुरक्षा में तैनात कर्मियों की दिनचर्या, रूट, ड्यूटी समय और संपर्क श्रृंखला का विस्तृत अध्ययन किया गया।

बताया गया कि 28 फरवरी को एक निर्धारित बैठक के दौरान एयर स्ट्राइक की गई। इस हमले में खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की भी मौत होने का दावा किया गया है।

मोसाद और सीआईए की भूमिका पर अटकलें

रिपोर्ट में इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिकी एजेंसी CIA के बीच समन्वय का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इजरायली सेना के एक पूर्व अधिकारी के हवाले से कहा गया कि किसी भी लक्ष्य पर कार्रवाई से पहले सटीक लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी जुटाना सबसे अहम चरण होता है।

‘स्पैरो’ मिसाइल का जिक्र

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हमले में इजरायल द्वारा विकसित ‘Sparrow’ नामक सटीक-मारक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया, जो दूरस्थ लक्ष्य पर उच्च सटीकता से प्रहार करने में सक्षम बताई जाती है।

क्षेत्रीय तनाव चरम पर

इस घटनाक्रम के बाद ईरान ने अरब देशों में अमेरिकी ठिकानों और इजरायल पर हमले तेज कर दिए हैं। पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर चिंता गहरा रही है।

ध्यान देने बात है कि उपरोक्त दावे मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों पर आधारित हैं। संबंधित देशों की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि या खंडन का इंतजार है।