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मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव, ईरान ने खाड़ी देशों को दी कड़ी चेतावनी, कहा- अमेरिका ने अटैक किया तो...

 
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मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उसके ऊर्जा ढांचे पर दोबारा हमला किया तो वह पूरे क्षेत्र के तेल ठिकानों, रिफाइनरियों, बिजली ग्रिड और अन्य महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब, कतर, तुर्किये और पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं से बातचीत कर अमेरिका पर दबाव बनाने की अपील की है, ताकि किसी नए सैन्य हमले को टाला जा सके।

ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अब भी कूटनीतिक समाधान चाहता है, लेकिन यदि उस पर हमला हुआ तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक व्यापक होगा। इसके बाद सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बातचीत कर सैन्य कार्रवाई से बचने और वार्ता जारी रखने का आग्रह किया।

होर्मुज स्ट्रेट पर नई पहल

ईरान ने दावा किया है कि ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही के लिए नए समुद्री मार्ग की रूपरेखा पर सहमति बन गई है। दोनों देश जल्द ही इसकी संयुक्त घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस सहमति का यह अर्थ नहीं है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सुरक्षित हो गया है। यदि अमेरिका का सैन्य दबाव जारी रहा तो क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम भी बने रहेंगे।


ट्रम्प बोले- 48 घंटे में स्थिति होगी साफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है और अगले 48 घंटे में यह स्पष्ट हो जाएगा कि समझौता संभव है या नहीं। उन्होंने लास वेगास में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "मैं लोगों को मारना नहीं चाहता, इसलिए मैं समझौता करना पसंद करूंगा।" ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिका बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर चुका था, लेकिन बाद में बातचीत के संकेत मिलने पर हालात बदल गए।


THAAD मिसाइल सिस्टम पर रिपोर्ट

इस बीच, CNN की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान अमेरिका अपने THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लगभग 80 प्रतिशत और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के करीब आधे इंटरसेप्टर इस्तेमाल कर चुका है।

लेबनान में लौट रहे विस्थापित लोग

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इजराइली हमलों में कमी आने के बाद लेबनान में युद्ध के कारण विस्थापित हुए 8.21 लाख से अधिक लोग अपने घर लौट चुके हैं। हालांकि, अब भी 3.6 लाख से ज्यादा लोग विस्थापन की स्थिति में हैं।

मध्य पूर्व में जारी कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का परिणाम पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।