वे जानते थे मैं नाखुश था...रूस से भारत का तेल आयात घटने पर ट्रम्प का रिएक्शन, कहा- मोदी मुझे खुश करना चाहते थे
वे जानते थे मैं नाखुश था...रूस से भारत का तेल आयात घटने पर ट्रम्प का रिएक्शन, कहा- मोदी मुझे खुश करना चाहते थे
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल के आयात में कटौती को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने कहा है कि भारत ने यह कदम उन्हें खुश करने के लिए उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि मोदी जानते थे कि वह इस मुद्दे पर खुश नहीं हैं, इसलिए भारत ने यह फैसला लिया।
ट्रम्प ने कहा, वे मुझे खुश करना चाहते थे। प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। वह जानते थे कि मैं खुश नहीं था, इसलिए मुझे खुश करना जरूरी था। हम भारत के साथ व्यापार करते हैं और जरूरत पड़ी तो टैरिफ भी बढ़ा सकते हैं।”
यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बन गया था। उस समय अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन पर हो रहे हमलों को अप्रत्यक्ष रूप से फंड कर रहा है। इसी मुद्दे पर ट्रम्प प्रशासन ने भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया था।
चार साल बाद भारत ने घटाया रूसी तेल आयात
भारत ने वर्ष 2021 के बाद पहली बार रूस से कच्चे तेल के आयात में कमी की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में भारत रूस से करीब 17.7 लाख बैरल प्रति दिन तेल आयात कर रहा था, जो दिसंबर में घटकर लगभग 12 लाख बैरल प्रति दिन रह गया। आने वाले महीनों में यह आंकड़ा 10 लाख बैरल प्रति दिन से नीचे जा सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक जनवरी के आंकड़ों में रूसी तेल आयात में और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। नवंबर 2021 से रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू होने के बाद भारत का आयात लगातार घट रहा है।
रूस ने घटाई तेल पर छूट
यूक्रेन युद्ध के बाद रूस ने भारत को 20 से 25 डॉलर प्रति बैरल तक सस्ता कच्चा तेल देना शुरू किया था। उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 130 डॉलर प्रति बैरल थी, जिससे भारत को बड़ा आर्थिक फायदा मिला।
हालांकि अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटकर लगभग 63 डॉलर प्रति बैरल रह गई है। इसके साथ ही रूस ने अपनी छूट भी कम कर दी है, जो अब सिर्फ 1.5 से 2 डॉलर प्रति बैरल रह गई है। इतनी कम छूट में भारत को पहले जैसा फायदा नहीं मिल रहा, वहीं रूस से तेल लाने में शिपिंग और बीमा का खर्च भी ज्यादा पड़ता है।
इसी कारण भारत अब फिर से सऊदी अरब, यूएई और अमेरिका जैसे स्थिर और भरोसेमंद देशों से तेल आयात बढ़ा रहा है।
भारत पर अमेरिका के 50% टैरिफ
अमेरिका अब तक भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगा चुका है। इसमें
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25% ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’
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25% रूस से तेल खरीदने के कारण लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ
शामिल है। इसके चलते भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बेचने में दिक्कतें आ रही हैं और भारत के निर्यात पर भी असर पड़ा है।
दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद सुलझाने के लिए ट्रेड डील पर बातचीत जारी है। भारत चाहता है कि कुल टैरिफ को 50% से घटाकर 15% किया जाए और रूस से तेल खरीदने पर लगाए गए 25% अतिरिक्त पेनाल्टी टैरिफ को पूरी तरह खत्म किया जाए।
