जर्मनी में रिहायशी इमारत में आग से तीन भारतीयों की मौत, क्या जानबूझकर लगाई गई थी आग?
जर्मनी के बोखुम शहर में रिहायशी इमारत में आग लगने से तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हुए। पुलिस ने हत्या के संदेह में 41 वर्षीय रोमानियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। तकनीकी खराबी की आशंका खारिज होने के बाद मामले की आगजनी के एंगल से जांच जारी है।
जर्मनी के बोखुम शहर में एक रिहायशी इमारत में लगी आग से तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने इमारत में रहने वाले 41 वर्षीय रोमानियाई नागरिक को हत्या के संदेह में गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं ने आग लगने की वजह के रूप में तकनीकी खराबी की आशंका खारिज कर दी है। अब मामले की जांच इस एंगल से की जा रही है कि कहीं आग जानबूझकर तो नहीं लगाई गई थी।
बोखुम में तड़के लगी आग, दूसरी मंजिल पर मिले शव
यह घटना जर्मनी के बोखुम शहर के होफस्टेडे इलाके में हुई। मंगलवार, 13 अक्टूबर की सुबह करीब 4:15 बजे एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत में आग लगने की सूचना आपातकालीन सेवाओं को मिली। दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के साथ इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया।
बचाव अभियान के दौरान दमकलकर्मियों को दूसरी मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में तीन लोगों के शव मिले। मृतकों में 25 और 27 साल की दो महिलाएं तथा 26 साल का एक पुरुष शामिल है। तीनों भारतीय नागरिक थे। हालांकि, उनकी पहचान और भारत में उनके गृह राज्यों के बारे में फिलहाल जानकारी सामने नहीं आई है।
इस घटना में पांच अन्य लोग भी घायल हुए। धुएं के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हत्या के संदेह में 41 वर्षीय रोमानियाई नागरिक गिरफ्तार
तीन लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने उसी इमारत में रहने वाले 41 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। वह रोमानियाई नागरिक बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में उसके खिलाफ हत्या का संदेह पैदा हुआ, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर हत्या की जांच करने वाली टीम ने पूछताछ की।
बोखुम पुलिस और अभियोजन अधिकारियों ने बुधवार को गिरफ्तारी की जानकारी दी। मामले की जांच अब भी जारी है। अधिकारियों ने अभी तक आग लगने के पीछे किसी निश्चित मकसद की पुष्टि नहीं की है।
तकनीकी खराबी नहीं, आगजनी के एंगल से जांच
जांचकर्ताओं ने घटनास्थल की जांच और विशेषज्ञों की मदद लेने के बाद आग लगने की वजह के तौर पर तकनीकी खराबी की आशंका को खारिज कर दिया है। इसके बाद पुलिस को आगजनी का संदेह हुआ।
हालांकि, जांच एजेंसियां अभी यह पता लगा रही हैं कि आग जानबूझकर लगाई गई थी या किसी अन्य परिस्थिति में लगी। इसलिए घटना को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
आग की लपटों ने बचाव अभियान को बनाया मुश्किल
आग बुझाने और लोगों को बाहर निकालने के दौरान दमकलकर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आग की लपटें सीढ़ियों के रास्ते ऊपर की ओर फैल गई थीं, जिससे ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने का सामान्य रास्ता बाधित हो गया।
ऐसे में बचाव दल ने लोगों को निकालने के लिए वैकल्पिक तरीकों का इस्तेमाल किया। कुछ लोगों को ऊंची दमकल सीढ़ी और पोर्टेबल सीढ़ियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि एक व्यक्ति को सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाले एयर कुशन की मदद से बचाया गया।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां आग लगने की परिस्थितियों और गिरफ्तार व्यक्ति की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। मामले में आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।
