ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर ट्रम्प का बड़ा फैसला, 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने सोमवार रात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर बताया कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा। हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
यह फैसला ऐसे समय पर सामने आया है, जब ईरान में सरकार और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों में अब तक 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर, ईरान की अर्थव्यवस्था भी गहरे संकट में है और वहां की मुद्रा रियाल की कीमत लगभग शून्य के बराबर पहुंच गई है। भारतीय मुद्रा में एक ईरानी रियाल की कीमत सिर्फ 0.000079 रुपये रह गई है।
भारत, चीन और UAE पर पड़ सकता है असर
अमेरिका पहले से ही ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के साथ व्यापार करने वाले प्रमुख देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और भारत शामिल हैं। अगर ट्रम्प का यह अतिरिक्त टैरिफ पूरी तरह लागू होता है, तो इन देशों के अमेरिका के साथ व्यापार पर सीधा असर पड़ सकता है।
भारत पर बढ़ सकता है टैरिफ का बोझ
अमेरिका पहले ही भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा चुका है। इसमें 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ और 25 प्रतिशत रूस से कच्चा तेल आयात करने को लेकर लगाया गया शुल्क शामिल है। अब अगर ईरान से व्यापार को लेकर भी 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाता है, तो भारत पर कुल टैरिफ का बोझ 75 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
टैरिफ के चलते भारत को अमेरिकी बाजार में अपने उत्पाद बेचने में पहले ही मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका असर निर्यात पर दिख रहा है। दोनों देशों के बीच इस विवाद को सुलझाने के लिए आज ट्रेड डील को लेकर बातचीत होने की संभावना है। भारत की कोशिश है कि कुल टैरिफ को घटाकर 15 प्रतिशत किया जाए और रूस से तेल आयात पर लगाई गई अतिरिक्त पेनल्टी को पूरी तरह हटाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट में ट्रम्प के टैरिफ अधिकारों पर सुनवाई
इस बीच ट्रम्प के टैरिफ लगाने के अधिकार को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट बुधवार को अहम फैसला सुना सकता है। इसे लेकर ट्रम्प ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि अगर कोर्ट ने उनके अधिकार सीमित किए, तो अमेरिका को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है और पहले वसूले गए टैरिफ लौटाना भी मुश्किल हो जाएगा।
ईरान का व्यापार और मौजूदा हालात
वर्ल्ड बैंक के 2022 के आंकड़ों के अनुसार, ईरान का सबसे अधिक व्यापार चीन, UAE और भारत के साथ रहा है। 2022 में ईरान का कुल व्यापार करीब 140 अरब डॉलर का था, जिसमें 80.9 अरब डॉलर का निर्यात और 58.7 अरब डॉलर का आयात शामिल था। ईरान मुख्य रूप से कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद, प्राकृतिक गैस, पेट्रोकेमिकल्स, स्टील और कृषि उत्पाद निर्यात करता है, जबकि मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कच्चा माल और दवाएं आयात करता है।
ईरान में प्रदर्शन तेज, सैकड़ों की मौत
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन अब 17वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठन ‘ईरान ह्यूमन राइट्स’ के मुताबिक, हिंसक कार्रवाई में अब तक कम से कम 648 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें नौ नाबालिग भी शामिल हैं। हजारों लोग घायल बताए जा रहे हैं। आर्थिक संकट से शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन अब सीधे सत्ता के खिलाफ आंदोलन का रूप ले चुके हैं।
