ट्रंप ने 5 दिन में ही प्रेस सचिव केटी ज़कारिया को हटाया, पहली ब्रीफिंग के बाद उठे थे सवाल, जानें क्या रही वजह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केटी ज़कारिया को महज पांच दिन बाद पद से हटा दिया। उनकी पहली प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जवाब देने के तरीके और कानूनी योग्यता पर सवाल उठे थे। जानिए इस फैसले से पहले ट्रंप ने क्या संकेत दिए थे।
Trump removes Katie Zakaria: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केटी ज़कारिया को पद से हटा दिया है। ज़कारिया इस पद पर महज पांच दिन ही रह सकीं। उनकी पहली प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जवाब देने के तरीके और कानूनी योग्यता को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद उनके छोटे कार्यकाल पर संकट के संकेत मिलने लगे थे।
व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने ज़कारिया को पद से हटाए जाने की पुष्टि की। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों की तैयारियां चल रही हैं। ट्रंप प्रशासन के सामने अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बनाए रखने की चुनौती है।
ट्रंप ने पहले ही दिए थे पद छोड़ने के संकेत
केटी ज़कारिया को हटाए जाने से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को उनके पद पर बने रहने को लेकर सवाल उठाए थे। व्हाइट हाउस से सप्ताहांत की यात्रा पर रवाना होते समय पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ज़कारिया से इस काम को लेकर दोबारा सोचने के लिए कहा था।
ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने ज़कारिया से कहा था कि उनके लिए खुश रहना ज्यादा बेहतर है और शायद इस तरह के काम में उन्हें खुशी नहीं मिलेगी। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि इस पद की जिम्मेदारियां आसान नहीं हैं।
ट्रंप के इस बयान के बाद उनके पद से हटने की अटकलें तेज हो गई थीं। इसके कुछ समय बाद व्हाइट हाउस ने उनके पद छोड़ने की पुष्टि कर दी।
पहली प्रेस ब्रीफिंग में क्यों उठे सवाल?
केटी ज़कारिया का कार्यकाल पहली ही प्रेस ब्रीफिंग के बाद विवादों में आ गया था। मीडिया के सामने सवालों का जवाब देते समय उनकी प्रस्तुति और प्रतिक्रियाओं की आलोचना हुई। इसी दौरान उनसे पूछा गया कि उन्होंने वकालत की परीक्षा यानी बार एग्जाम कहां से पास किया है। इस सवाल पर उनका जवाब स्पष्ट नहीं माना गया, जिसके बाद उनकी कानूनी योग्यता को लेकर सवाल उठने लगे।
बताया गया कि ट्रंप के कुछ सलाहकार भी इस घटनाक्रम से हैरान और असहज थे। मामले ने तब और तूल पकड़ा, जब राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से ज़कारिया पर भरोसे को लेकर सवाल खड़े किए।
पांच दिन में खत्म हुआ कार्यकाल
ज़कारिया का कार्यकाल बेहद छोटा रहा। पहली ब्रीफिंग के बाद पैदा हुए विवाद और राष्ट्रपति के सार्वजनिक बयानों ने उनके पद पर बने रहने को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी थी। ट्रंप ने भी संकेत दिया था कि उन्हें इस जिम्मेदारी पर बने रहने के फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।
ट्रंप प्रशासन में यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है, जब व्हाइट हाउस के लिए राजनीतिक संदेश और मीडिया के साथ संवाद काफी अहम है। मध्यावधि चुनावों से पहले प्रशासन अपनी नीतियों और उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने रखना चाहता है। ऐसे में प्रेस सचिव के पद पर बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
