South Korea से नाराज Trump! ईरान पर साथ न देने के बाद सैन्य अभ्यास में कटौती का आदेश
Trump South Korea Military Drill: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास को काफी कम करने का आदेश दिया है। ट्रंप ने इसके पीछे अभ्यास की लागत के साथ-साथ दक्षिण कोरिया द्वारा ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रयासों में साथ नहीं देने को भी वजह बताया। उन्होंने नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने अच्छे रिश्तों का हवाला देते हुए कहा कि ये सैन्य अभ्यास प्योंगयांग को गलत और शत्रुतापूर्ण संदेश देते हैं।
ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह ऐलान किया। उन्होंने अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ को संयुक्त सैन्य अभ्यास को "substantially reduce" यानी काफी कम करने का निर्देश दिया। हालांकि, पूरी एक्सरसाइज रद्द करने में देर हो चुकी थी।
ईरान पर दक्षिण कोरिया के ‘ना’ से नाराज ट्रंप
ट्रंप ने अपने फैसले में ईरान के मुद्दे को भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि उन्होंने हाल ही में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से पूछा था कि क्या सियोल ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त कराने के अमेरिकी प्रयास में साथ देना चाहेगा। ट्रंप के मुताबिक, उन्हें इसके जवाब में इनकार मिला।
इसी के बाद ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ प्रस्तावित सैन्य अभ्यास को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के मुद्दे पर सहयोग नहीं मिलने और दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास की लागत को देखते हुए अभ्यास का दायरा कम किया जाना चाहिए।
किम जोंग उन से अच्छे रिश्तों का दिया हवाला
ट्रंप ने अपने फैसले में नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने संबंधों का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि उनके राष्ट्रपति रहने के दौरान नॉर्थ कोरिया ने अमेरिका को धमकी नहीं दी और उनका प्योंगयांग के साथ संबंध अच्छा रहा है।
ट्रंप ने सैन्य अभ्यास को महंगा बताते हुए कहा कि इससे नॉर्थ कोरिया को ऐसा संदेश जाता है, जिसे वह अनुचित और शत्रुतापूर्ण मानते हैं।
क्या है US-South Korea का Ulchi Freedom Shield अभ्यास?
अमेरिका और दक्षिण कोरिया का Ulchi Freedom Shield संयुक्त सैन्य अभ्यास 17 अगस्त से शुरू होकर 27 अगस्त तक चलने वाला है। इसमें करीब 18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिकों के शामिल होने की योजना है।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य नॉर्थ कोरिया से संभावित सैन्य खतरों के खिलाफ दोनों देशों की संयुक्त सैन्य तैयारी और अभियान क्षमता को मजबूत करना है। प्रशिक्षण में अलग-अलग युद्ध परिस्थितियों से निपटने की क्षमता को परखा जाता है।
हालांकि ट्रंप के आदेश के बावजूद दक्षिण कोरिया ने अभ्यास को तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाने की बात कही है।
नॉर्थ कोरिया पहले ही कर चुका है विरोध
अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास का नॉर्थ कोरिया लंबे समय से विरोध करता रहा है। प्योंगयांग इन अभ्यासों को संभावित हमले की तैयारी के तौर पर देखता है।
इस बार भी नॉर्थ कोरिया ने अभ्यास को लेकर चेतावनी दी है। इससे पहले उसने बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण भी किया था। अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कहना है कि उनका सैन्य अभ्यास क्षेत्र में संभावित खतरों से निपटने की तैयारी के लिए है।
ट्रंप के फैसले की अमेरिका में आलोचना
ट्रंप के फैसले पर अमेरिका में भी सवाल उठे हैं। डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क केली ने संयुक्त सैन्य अभ्यास को कम करने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने इसे अमेरिकी सैन्य तैयारी और रणनीतिक हितों के लिए गलत कदम बताया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह फैसला अमेरिका-दक्षिण कोरिया संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग नॉर्थ कोरिया को रोकने की अमेरिकी रणनीति का अहम हिस्सा रहा है। ट्रंप का यह कदम प्योंगयांग के साथ दोबारा कूटनीतिक संपर्क बढ़ाने की उनकी कोशिशों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
Strait of Hormuz पर भी ट्रंप दे चुके हैं बड़ा बयान
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप पहले ही Strait of Hormuz को लेकर बड़ा बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अमेरिका का इस रणनीतिक जलमार्ग पर पूरा नियंत्रण है और वह इसे बनाए रखने का इरादा रखता है।
ईरान को लेकर अमेरिकी नीति के बीच दक्षिण कोरिया का अमेरिकी प्रयासों में शामिल नहीं होना और उसके बाद सैन्य अभ्यास में कटौती का फैसला अब वॉशिंगटन की बदलती रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
