ट्रम्प की ईरान को खुली धमकी, बोले- एक रात में खत्म कर सकते हैं, रेस्क्यू ऑपरेशन को बताया ऐतिहासिक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार रात (भारतीय समय के अनुसार) ईरान के साथ जारी तनाव और सैन्य कार्रवाई को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई “सही दिशा में” चल रही है और अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका एक ही रात में पूरे ईरान को खत्म करने की क्षमता रखता है।
ट्रम्प ने सख्त लहजे में कहा कि ऐसी कार्रवाई “कल रात भी हो सकती है”, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन को बताया ‘ऐतिहासिक’, 155 विमान शामिल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन को “ऐतिहासिक” करार दिया। उन्होंने बताया कि इस मिशन में कुल 155 सैन्य विमान शामिल थे, जिनमें फाइटर जेट, बॉम्बर और रेस्क्यू प्लेन शामिल थे।
ट्रम्प के अनुसार, यह ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था, क्योंकि केवल 1-2 पायलट को बचाने के लिए करीब 100 सैनिकों की जान दांव पर लगी थी। उन्होंने इसे हाल के दशकों के सबसे खतरनाक मिशनों में से एक बताया।
ईरान पर हजारों हमले, हजारों उड़ानें
ट्रम्प ने दावा किया कि अब तक अमेरिका ने ईरान के 13,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। पिछले 37 दिनों में 10,000 से अधिक लड़ाकू उड़ानें भरी गई हैं, जिससे यह साफ होता है कि यह संघर्ष लगातार तेज हो रहा है।
खबर लीक करने वालों को चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान में फंसे दूसरे पायलट की जानकारी मीडिया में लीक करने वाले व्यक्ति को ढूंढा जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित मीडिया संस्थान के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
अमेरिकी F-15 विमान गिराए जाने की पुष्टि
ट्रम्प ने यह भी स्वीकार किया कि ईरान ने एक अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान को गिराया था। हालांकि उन्होंने इसे “दुश्मन की किस्मत” बताते हुए कहा कि यह केवल एक “लकी हिट” थी।
रेस्क्यू मिशन में अपनाई गई खास रणनीति
ट्रम्प के मुताबिक, पायलटों को बचाने के लिए दो अलग-अलग मिशन चलाए गए। पहले मिशन में 21 विमान और दूसरे में 155 विमान शामिल थे। इस दौरान दुश्मन को भ्रमित करने के लिए डिकॉय रणनीति अपनाई गई, जिसमें कई विमानों को अलग-अलग दिशाओं में भेजा गया।
उन्होंने बताया कि सात अलग-अलग जगहों पर ऐसा माहौल बनाया गया, जिससे दुश्मन को भ्रम हो कि अमेरिकी सेना अपने सैनिकों को खोज रही है।
घायल पायलट की बहादुरी का जिक्र
ट्रम्प ने एक घायल पायलट की बहादुरी का जिक्र करते हुए बताया कि विमान गिरने के बाद वह पैराशूट से उतरा और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पहाड़ी इलाके में चढ़ाई करता रहा।
उन्होंने कहा कि पायलट के चेहरे से खून बह रहा था, लेकिन उसने हार नहीं मानी और अपनी ट्रेनिंग के अनुसार खुद को बचाने की कोशिश करता रहा। बाद में उसे हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकाल लिया गया।
ऑपरेशन पर बंटी थी सेना की राय
ट्रम्प ने खुलासा किया कि इस जोखिम भरे ऑपरेशन को लेकर सभी सैन्य सलाहकार एकमत नहीं थे। कुछ अधिकारियों का मानना था कि इस मिशन में सैकड़ों लोगों की जान जा सकती है, इसलिए इसे टालना चाहिए।
हालांकि, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल डैन केन इस मिशन के समर्थन में थे। ट्रम्प ने कहा कि उन्हें इस ऑपरेशन के खतरे के बारे में पूरी जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इसे मंजूरी दी।
