UN में ट्रंप की ईरान को सीधी धमकी, बोले- समझौता करो या खत्म हो जाओ
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया। 22 सितंबर को अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के सामने ईरान को लेकर दो रास्ते हैं, या तो समझौता किया जाए या फिर उसे खत्म कर दिया जाए। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताकत को काफी कमजोर कर दिया है और अब वह पहले की तरह ताकतवर नहीं रहा।
ट्रंप ने अपने भाषण में अमेरिका की आर्थिक और सैन्य ताकत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अपने आखिरी महासभा संबोधन में दुनिया में बढ़ती खाई और वैश्विक चुनौतियों को लेकर चिंता जताई।
ईरान को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
UN महासभा में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए कार्रवाई की। उन्होंने दावा किया कि ईरान पहले मध्य पूर्व में प्रभावशाली ताकत था, लेकिन अब उसकी स्थिति कमजोर हो चुकी है।
ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि अमेरिका के सामने दो विकल्प हैं- समझौता करना या उसे खत्म करना। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में अमेरिका को जल्द फैसला लेना होगा, ताकि ईरान दोबारा लोगों और दूसरे देशों को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में न आ सके।
ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की अपील
ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि अगर यह रणनीति सफल होती है तो तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि ईरान को लेकर कोई बड़ा फैसला अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद लिया जा सकता है। उनके मुताबिक, ईरान भी चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहा है।
'अमेरिका पहले से ज्यादा ताकतवर'
ट्रंप ने अपने भाषण की शुरुआत अमेरिका की अर्थव्यवस्था और घरेलू नीतियों का जिक्र करते हुए की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका मजबूत स्थिति में लौट आया है और आज पहले से ज्यादा ताकतवर है।
उन्होंने पिछले 12 महीनों में अमेरिकी सेना पर करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर खर्च किए जाने का भी दावा किया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की आर्थिक ताकत, ऊर्जा और सैन्य क्षमता का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।
पुतिन को भी दिया युद्ध खत्म करने का संदेश
UN मुख्यालय पहुंचने से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी संदेश दिया। जब उनसे पूछा गया कि वह पुतिन को क्या संदेश देना चाहेंगे, तो ट्रंप ने सीधा जवाब दिया—"युद्ध खत्म करें।"
यूक्रेन युद्ध को लेकर ट्रंप पहले भी कई बार जल्द समाधान की बात कह चुके हैं।
गुटेरेस का आखिरी UNGA भाषण
ट्रंप के संबोधन से पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने महासभा की जनरल डिबेट की शुरुआत की। महासचिव के तौर पर यह उनका आखिरी UNGA संबोधन था। गुटेरेस ने कहा कि दुनिया में खाई बढ़ती जा रही है और इस समय वैश्विक स्तर पर कई बड़े खतरे सामने हैं। उन्होंने महाशक्तियों को यह संदेश भी दिया कि केवल सैन्य ताकत के दम पर दुनिया में स्थायी शांति कायम नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि दुनिया को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत संयुक्त राष्ट्र की जरूरत है। गुटेरेस ने यह भी कहा कि पद छोड़ने के बाद भी वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के लिए काम करते रहेंगे।
