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रूस से तेल खरीदने वाले देशों को मिलेगी सजा! अमेरिकी सीनेट ने प्रतिबंध बिल पर बढ़ाया कदम, क्या बोले- जेलेंस्की?

अमेरिकी सीनेट ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले बिल को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 86 सीनेटरों के समर्थन वाले इस प्रस्तावित कानून का असर रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भी पड़ सकता है। बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भी मौजूद रहे।

 
Russia Ukraine War
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Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध चार साल से ज्यादा समय से जारी है, लेकिन अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इसी बीच अमेरिका ने रूस पर दबाव बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सीनेट ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले बिल को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की भी वॉशिंगटन में मौजूद रहे और उन्होंने अमेरिकी सांसदों से मुलाकात कर यूक्रेन के समर्थन की अपील की।

86-12 के अंतर से मिला बिल को समर्थन

रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़े इस प्रस्ताव पर अमेरिकी सीनेट में प्रक्रियात्मक वोटिंग हुई, जिसमें दोनों दलों के समर्थन से बिल को 86-12 के अंतर से मंजूरी मिली। यह वोटिंग रूस पर दबाव बढ़ाने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब अमेरिका रूस की अर्थव्यवस्था पर और अधिक दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

रूस से व्यापार करने वाले देशों पर भी पड़ेगा असर

प्रस्तावित बिल का उद्देश्य सिर्फ रूस पर प्रतिबंध लगाना नहीं है। इसके तहत उन देशों पर भी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है, जो रूस से तेल, गैस और अन्य वस्तुओं की खरीद जारी रखे हुए हैं। माना जा रहा है कि यह कानून लागू होने पर रूस के ऊर्जा कारोबार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

एक साल की चर्चा के बाद सामने आया प्रस्ताव

यह बिल एक साल से ज्यादा समय तक चली बातचीत के बाद तैयार किया गया है। इसका मकसद रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना और यूक्रेन को अप्रत्यक्ष रूप से मजबूत करना है। अमेरिकी सांसदों का मानना है कि आर्थिक प्रतिबंध युद्ध की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

जेलेंस्की ने अमेरिकी सांसदों से मांगा और सहयोग

वॉशिंगटन पहुंचे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी सीनेटरों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर मजबूती से लड़ रहा है, लेकिन उसे अभी भी अमेरिका के अतिरिक्त सहयोग और आधुनिक रक्षा प्रणालियों की जरूरत है। जेलेंस्की ने खास तौर पर एंटी-बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम और सैन्य सहायता को लेकर अमेरिका का समर्थन जारी रखने की अपील की।

लिंडसे ग्राहम के प्रयासों को बताया ऐतिहासिक

रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले इस बिल को आगे बढ़ाने में रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल की अहम भूमिका रही। दोनों नेताओं ने 10 जुलाई को इस कानून पर समझौते की घोषणा की थी।

हालांकि, घोषणा के अगले ही दिन लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत एओर्टिक टियर (धमनी फटने) के कारण हुई। वह हाल ही में यूक्रेन की यात्रा से लौटे थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की थी।

जेलेंस्की बोले- यह शांति की दिशा में पहला कदम

वोटिंग के बाद जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी सीनेट का यह फैसला यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सीनेट में 60 से अधिक सांसदों के साथ उनकी बैठक हुई, जिसमें यूक्रेन की सुरक्षा और रूस के खिलाफ रणनीति पर चर्चा हुई।

जेलेंस्की ने कहा कि 86 सीनेटरों का समर्थन इस बात का संकेत है कि अमेरिका रूस पर दबाव बनाए रखने के पक्ष में है। उन्होंने इसे शांति की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि लिंडसे ग्राहम के प्रयास अब आगे बढ़ रहे हैं।