कराची में हिंसक प्रदर्शन: अमेरिकी दूतावास पर हमला, पुलिस की कार्रवाई में कई घायल
कराची: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में भारी उबाल आ गया। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट) के पास सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने हिंसक प्रदर्शन किया, जिसमें तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुस्साई भीड़ ने अमेरिकी कॉन्सुलेट के प्रवेश द्वार पर तोड़-फोड़ की, खिड़कियों के शीशे तोड़े और गार्ड हाउस में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने 'ईरान जिंदाबाद', 'अमेरिका मुर्दाबाद' और 'इजरायल मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई लोग घायल हो गए।
घायलों को एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल कराची पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में गोलीबारी की भी बात कही गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने घटना पर गहरा संज्ञान लेते हुए कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक आजाद खान से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मंत्री ने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने और यातायात के वैकल्पिक मार्ग तय करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन पूरे हालात पर कड़ी नजर रखे हुए है और कानून के अनुसार कार्रवाई का वादा किया गया है।
