कौन हैं एंडी बर्नहैम? ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार... जिन्हें 'किंग ऑफ द नॉर्थ' के नाम से भी जाना जाता है
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता एंडी बर्नहैम नए प्रधानमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। ‘King of the North’ के नाम से मशहूर बर्नहैम की वापसी ने ब्रिटेन की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
Who is Andy Burnham: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता कीर स्टारमर के इस्तीफे के ऐलान के बाद देश की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। स्टारमर के पद छोड़ने के साथ ही उनके उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस दौड़ में सबसे प्रमुख नाम एंडी बर्नहैम का सामने आ रहा है, जिन्हें ब्रिटिश राजनीति में लंबे समय से ‘King of the North’ के नाम से जाना जाता है।
स्टारमर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी को नया नेता चुनना होगा और वही ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री भी बन सकता है। ऐसे में एंडी बर्नहैम को सबसे मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है। हाल ही में मेकरफील्ड उपचुनाव जीतकर संसद में लौटे बर्नहैम ने पहले ही संकेत दिए थे कि यदि मौका मिला तो वह पार्टी नेतृत्व की दौड़ में उतरेंगे।
स्टारमर के बाद नई नेतृत्व की तलाश
कीर स्टारमर के इस्तीफे के साथ ब्रिटेन एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन के दौर में पहुंच गया है। पिछले एक दशक में देश सातवें प्रधानमंत्री की ओर बढ़ रहा है। यह स्थिति ब्रिटेन के आधुनिक राजनीतिक इतिहास में सबसे अधिक नेतृत्व बदलावों में से एक मानी जा रही है।
स्टारमर ने अपने इस्तीफे में स्वीकार किया कि उन्हें अब पार्टी के पर्याप्त सांसदों का समर्थन नहीं मिल रहा था। इसके बाद लेबर पार्टी के भीतर नए नेतृत्व की तलाश शुरू हो गई है।
कौन हैं एंडी बर्नहैम?
56 वर्षीय एंडी बर्नहैम ब्रिटेन की लेबर पार्टी के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म जनवरी 1970 में इंग्लैंड के मर्सीसाइड क्षेत्र में हुआ था। वह 2001 से 2017 तक सांसद रहे और पूर्व प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन की सरकार में कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
उन्होंने 2015 और 2017 में लेबर पार्टी का नेतृत्व हासिल करने की कोशिश की थी, लेकिन दोनों बार सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने वेस्टमिंस्टर की राजनीति छोड़कर ग्रेटर मैनचेस्टर के पहले निर्वाचित मेयर बनने का फैसला किया। यही फैसला उनके राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।
क्यों कहा जाता है ‘King of the North’?
एंडी बर्नहैम को ‘King of the North’ का नाम कोविड महामारी के दौरान मिला। वर्ष 2020 में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की सरकार के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई थी। उनका आरोप था कि लंदन और दक्षिणी इंग्लैंड की तुलना में उत्तरी क्षेत्रों को कम आर्थिक सहायता दी जा रही है।
इस मुद्दे पर उनका संघर्ष राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना और उत्तरी इंग्लैंड के लोगों ने उन्हें अपनी आवाज मानना शुरू कर दिया। यहीं से उन्हें ‘King of the North’ की पहचान मिली, जो लोकप्रिय टीवी सीरीज Game of Thrones से प्रेरित मानी जाती है।
ग्रेटर मैनचेस्टर में कैसे बनाई पहचान?
मेयर के तौर पर एंडी बर्नहैम ने ग्रेटर मैनचेस्टर में कई बड़े बदलाव किए। उनकी सबसे चर्चित उपलब्धि Bee Network मानी जाती है, जिसके तहत बस और ट्राम सेवाओं को एकीकृत कर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आसान बनाया गया।
इसके अलावा उन्होंने रोजगार, कौशल विकास, सस्ते आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया। समर्थकों का मानना है कि उन्होंने साबित किया कि स्थानीय प्रशासन भी बड़े स्तर पर बदलाव ला सकता है।
क्या पूरे ब्रिटेन में चलेगा बर्नहैम का प्रभाव?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार एंडी बर्नहैम की सबसे बड़ी ताकत उनकी जमीनी छवि और कामकाजी वर्ग के बीच लोकप्रियता है। उन्हें ऐसा नेता माना जाता है जो लेबर पार्टी को फिर से आम लोगों से जोड़ सकता है।
हालांकि आलोचकों का कहना है कि क्षेत्रीय स्तर पर मिली सफलता को राष्ट्रीय राजनीति में दोहराना आसान नहीं होगा। प्रधानमंत्री बनने के लिए उन्हें इंग्लैंड के साथ-साथ स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में भी समर्थन जुटाना होगा।
लेबर पार्टी में बढ़ी हलचल
स्टारमर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के कई सांसद और कार्यकर्ता बर्नहैम को भविष्य के नेता के रूप में देख रहे हैं। यदि वह नेतृत्व की दौड़ में उतरते हैं तो यह उनका तीसरा बड़ा प्रयास होगा।
अब ब्रिटेन की राजनीति की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या ‘King of the North’ वाकई प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंच पाएंगे या फिर लेबर पार्टी किसी नए चेहरे पर भरोसा करेगी। फिलहाल इतना तय है कि एंडी बर्नहैम की वापसी ने ब्रिटेन की राजनीति को एक बार फिर बेहद दिलचस्प बना दिया है।
