ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन? बेटे मोजतबा खामेनेई से लेकर पूर्व राष्ट्रपति तक मैदान में कई दावेदार
ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद राजनीतिक संकट गहरा गया है। अंतरिम नेतृत्व परिषद सक्रिय हो चुकी है और ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने संकेत दिया है कि नए सर्वोच्च नेता के चयन में ज्यादा समय नहीं लगेगा। संभावित दावेदारों में मोजतबा खामेनेई, हसन खोमैनी, अली रजा अराफी, हसन रूहानी और मेहदी मीरबाघेरी शामिल हैं।
Iran Next Supreme Leader: ईरान में बड़े राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सत्ता के शीर्ष पद को लेकर हलचल तेज हो गई है। देश की प्रभावशाली संस्था ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के एक वरिष्ठ सदस्य ने स्पष्ट संकेत दिया है कि नए सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया लंबी नहीं होगी। यह बयान उस अनिश्चितता को खत्म करने के लिए दिया गया है, जो अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद पैदा हुई है।
अंतरिम नेतृत्व परिषद की सक्रियता
शनिवार को इजरायल और अमेरिका द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी/रोअरिंग लायन’ के दौरान खामेनेई और कई शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की मौत के बाद सत्ता में अचानक शून्यता पैदा हो गई। इस स्थिति से निपटने के लिए एक ‘प्रोविजनल लीडरशिप काउंसिल’ (अंतरिम नेतृत्व परिषद) का गठन किया गया है।
सोमवार को परिषद की दूसरी अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें तीन प्रमुख हस्तियां शामिल रहीं-
राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान
- न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी इजेई
- गार्जियन काउंसिल के वरिष्ठ सदस्य अयातुल्ला अली रजा अराफी
यह परिषद तब तक देश का संचालन करेगी, जब तक ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ नए सर्वोच्च नेता के नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगा देती। परिषद और असेंबली का प्राथमिक उद्देश्य वर्तमान तनावपूर्ण हालात में राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना है।
सत्ता संरचना में अहम चेहरे
- अयातुल्ला अली रजा अराफी
अंतरिम परिषद के सदस्य और ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के उपाध्यक्ष अली रजा अराफी ईरान की सत्ता संरचना में बेहद प्रभावशाली माने जाते हैं। वे पवित्र शहर कोम में शुक्रवार की नमाज का नेतृत्व करते हैं और देशभर की धार्मिक शिक्षा प्रणाली के प्रमुख हैं। 2019 में खामेनेई ने उन्हें गार्जियन काउंसिल में नियुक्त किया था।
- गुलामहुसैन मोहसेनी इजेई
2021 में खामेनेई द्वारा न्यायपालिका प्रमुख नियुक्त किए गए मोहसेनी इजेई पहले खुफिया मंत्री और प्रोसिक्यूटर जनरल जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं।
- संभावित दावेदार: कौन बन सकता है नया सर्वोच्च नेता?
ईरान के सर्वोच्च नेता पद के लिए कई बड़े नाम चर्चा में हैं। इनमें कट्टरपंथी और उदारवादी दोनों धड़े शामिल हैं।
- मोजतबा खामेनेई
अली खामेनेई के पुत्र और शिया धर्मगुरु। ईरान के अर्धसैनिक संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के साथ उनके मजबूत संबंध माने जाते हैं। हालांकि, इस्लामिक रिपब्लिक वंशानुगत शासन का विरोध करता रहा है, ऐसे में उनका चयन वैचारिक बहस को जन्म दे सकता है।
- हसन खोमैनी
इस्लामिक रिपब्लिक के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के पोते। उन्हें अपेक्षाकृत उदारवादी चेहरा माना जाता है। उन्होंने अब तक कोई सरकारी पद नहीं संभाला है और वर्तमान में तेहरान में अपने दादा के मकबरे की देखरेख करते हैं।
- अयातुल्ला अली रजा अराफी
वरिष्ठ शिया धर्मगुरु और अंतरिम परिषद सदस्य। 2022 में ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के लिए चुने गए। देशभर के मदरसों के व्यापक नेटवर्क का नेतृत्व करते हैं।
- हसन रूहानी
ईरान के पूर्व राष्ट्रपति (2013–2021)। ओबामा प्रशासन के साथ ऐतिहासिक परमाणु समझौते में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। हालांकि, 2024 में उन्हें ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ का चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जिसकी उन्होंने कड़ी आलोचना की थी।
- अयातुल्ला मोहम्मद मेहदी मीरबाघेरी
कट्टरपंथी खेमे में लोकप्रिय और ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के सदस्य। उन्हें दिवंगत अयातुल्ला मेस्बाह यजदी का करीबी माना जाता है। वे परमाणु हथियारों के समर्थक विचारों के लिए चर्चा में रहे हैं और कोविड-19 के दौरान स्कूल बंदी को “साजिश” बताया था।
क्या कहती है आगे की तस्वीर?
ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में सर्वोच्च नेता का पद अत्यंत शक्तिशाली और निर्णायक माना जाता है। ऐसे में आने वाले दिनों में ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ का फैसला न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति बल्कि मध्य-पूर्व की भू-राजनीति पर भी गहरा असर डालेगा।
फिलहाल अंतरिम परिषद की निगरानी में सत्ता का संचालन जारी है, लेकिन पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान का अगला सर्वोच्च नेता कौन होगा और वह देश की दिशा किस ओर मोड़ेगा।
