तेल संकट होगा खत्म? ट्रंप बोले- ईरान के साथ शांति समझौता तय, खुल जाएगा होर्मुज
US-Iran Peace Deal: US-Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब शायद शांत होता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता अंतिम चरण में है और जल्द ही इस पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। हालांकि ईरान ने ट्रंप के इस दावे की टाइमलाइन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि किसी भी समझौते की तारीख अभी तय नहीं हुई है
यदि यह समझौता सफल होता है तो इससे न केवल क्षेत्रीय तनाव कम हो सकता है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। खास तौर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की संभावना को लेकर दुनिया भर में नजरें टिकी हुई हैं।
ट्रंप बोले- संबंधों में आया बड़ा सुधार
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच रिश्तों में सकारात्मक बदलाव आया है और दोनों देश दीर्घकालिक स्थिरता तथा सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वार्ता प्रक्रिया जल्द और सुचारु रूप से पूरी हो सकती है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि संभावित समझौते के तहत ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा और न ही भविष्य में किसी भी माध्यम से ऐसा करने का प्रयास करेगा। उनके अनुसार यह समझौता परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
2015 परमाणु समझौते पर फिर साधा निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में 2015 के ईरान परमाणु समझौते की भी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार की रणनीति पूर्व अमेरिकी प्रशासन की नीतियों से अलग होगी और किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष आर्थिक भुगतान समझौते का हिस्सा नहीं बनेगा।
पाकिस्तान ने भी जताई उम्मीद
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी दोनों देशों के बीच संभावित समझौते को लेकर आशावाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। हालांकि ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समझौते को लेकर अभी कोई निश्चित कार्यक्रम तय नहीं किया गया है और वार्ता प्रक्रिया जारी है।
क्या-क्या शामिल हो सकता है प्रस्तावित समझौते में?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रस्तावित समझौता केवल युद्धविराम तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसमें कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हो सकते हैं।
प्रतिबंधों में राहत और आर्थिक सहयोग
अमेरिका कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दे सकता है। इसके साथ ही सीमित स्तर पर ईरानी तेल निर्यात की अनुमति और जमे हुए वित्तीय संसाधनों तक पहुंच का रास्ता खुल सकता है।
परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण
ईरान परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता दोहरा सकता है। साथ ही यूरेनियम संवर्धन और परमाणु गतिविधियों को लेकर नई वार्ता शुरू हो सकती है।
60 दिन का युद्धविराम ढांचा
दोनों पक्ष प्रारंभिक 60 दिनों के संघर्ष विराम पर सहमत हो सकते हैं, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य का दोबारा खुलना
समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक जहाजरानी के लिए पुनः खोलना माना जा रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और वैश्विक व्यापार को बड़ी राहत मिल सकती है।
कैसे शुरू हुआ था संकट?
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पिछले कई महीनों से बढ़ता रहा है। क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम और आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार टकराव बना हुआ है। इस तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों और मध्य पूर्व की स्थिरता पर भी पड़ा।
हाल के हफ्तों में संघर्ष विराम और कूटनीतिक वार्ताओं के जरिए समाधान तलाशने की कोशिशें तेज हुई हैं। हालांकि कई मुद्दों पर मतभेद अभी भी बने हुए हैं।
दुनिया की नजरें अगले कदम पर
अमेरिका और ईरान के बीच व्यापक समझौता होता है तो इससे मध्य पूर्व में स्थिरता बढ़ेगी, वैश्विक तेल बाजार को राहत मिलेगी और लंबे समय से चले आ रहे भू-राजनीतिक तनाव में कमी आ सकती है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से आधिकारिक सहमति का इंतजार किया जा रहा है।
