आपने जाने दिया था, अब गोली क्यों चला रहे? हॉर्मुज में फायरिंग के बीच भारतीय कैप्टन की SOS कॉल वायरल
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर फायरिंग का मामला सामने आया है। एक टैंकर के कैप्टन की घबराई आवाज वाला ऑडियो वायरल हो रहा है। ईरानी बलों की कार्रवाई के बाद जहाजों को लौटना पड़ा। भारत ने घटना पर चिंता जताते हुए सुरक्षित मार्ग बहाल करने की मांग की है।
Hormuz Firing Indian Tanker: पश्चिम एशिया के अहम समुद्री मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ गया है। यहां भारतीय झंडे वाले दो व्यापारी जहाजों पर फायरिंग की घटना सामने आई है। इस दौरान एक जहाज के कैप्टन की घबराई हुई आवाज का ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें वह मदद की गुहार लगाते सुनाई दे रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, मोटर टैंकर Sanmar Herald के कैप्टन ने रेडियो पर ईरानी बलों से कहा कि उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब अचानक फायरिंग शुरू हो गई। उन्होंने जहाज को वापस मोड़ने की अनुमति मांगी।
Ships coming under fire as they try to transit the Strait of Hormuz@ABC obtained audio capturing a radio message from an Indian-flagged oil tanker. The frantic crew pleads with Iran's navy as the ship comes under attack pic.twitter.com/MqUCKozS4R
— Selina Wang (@selinawangtv) April 18, 2026
बताया जा रहा है कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के जवानों ने जहाजों पर फायरिंग की। इस घटना के बाद दोनों जहाजों को रास्ता बदलना पड़ा। एक सुपरटैंकर में करीब 20 लाख बैरल इराकी तेल भरा हुआ था।
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी पुष्टि की है कि ईरानी गनबोट्स ने एक टैंकर पर गोलियां चलाईं।
इस घटना के बाद समुद्र में मौजूद कई जहाजों को एक रेडियो संदेश भी मिला, जिसमें कहा गया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया गया है और किसी भी देश का जहाज यहां से नहीं गुजर सकता।
घटना को लेकर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने ईरान के राजदूत को बुलाकर इस मामले पर अपनी चिंता जताई और सुरक्षित रास्ता बहाल करने की मांग की।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय जहाज और उसमें सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। साथ ही नौवहन महानिदेशालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रहा है।
वहीं, भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इस घटना को लेकर ज्यादा जानकारी न होने की बात कही, लेकिन दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बताया और उम्मीद जताई कि मामला जल्द सुलझ जाएगा।
