सावधान! कहीं आप भी तो नहीं खरीद रहे नकली अंडे? सिंदूर से बदला जा रहा रंग, ऐसे करें असली की पहचान
Fake Eggs : आजकल बाजार में नकली अंडों का चलन बढ़ता जा रहा है। इन्हें इस तरह तैयार किया जाता है कि असली और नकली में फर्क करना बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से सामने आया है, जहां देशी नकली अंडों की बड़ी खेप पकड़ी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कटघर थाना क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी कर इस गोरखधंधे का पर्दाफाश किया। जांच में पता चला कि नकली अंडे तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल कलर और केमिकल्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि नकली अंडों की पहचान कैसे की जाए, ताकि आप इनके सेवन से होने वाले नुकसान से बच सकें।
नकली अंडे क्या होते हैं?
नकली अंडे पूरी तरह आर्टिफिशियल तरीके से बनाए जाते हैं। इनमें शामिल होते हैं-
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जिलेटिन
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रंग (डाई)
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सिंथेटिक केमिकल
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कोगुलेंट
ये अंडे देखने में तो बिल्कुल असली लगते हैं, लेकिन पोषण शून्य होते हैं और इनमें मौजूद रसायन शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
असली और नकली अंडे में फर्क कैसे पहचानें?
1. अंडे के छिलके की बनावट
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असली अंडा: छिलका हल्का खुरदुरा और नेचुरल खामियों वाला।
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नकली अंडा: छिलका बहुत ज्यादा चिकना और चमकदार।
2. हिलाने पर आवाज़
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असली: हिलाने पर कोई आवाज नहीं।
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नकली: “छप-छप” जैसी आवाज आ सकती है।
3. टूटने पर छिलका
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असली: आसानी से टूटता है और पतली झिल्ली निकलती है।
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नकली: छिलका प्लास्टिक जैसा सख्त और बड़े टुकड़ों में टूटता है।
4. जर्दी और सफेदी
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असली: जर्दी गोल और टाइट, सफेदी हल्की पतली व पारदर्शी।
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नकली: जर्दी जल्दी टूटती है, सफेदी या तो बहुत गाढ़ी या पानी जैसी।
5. पकाने पर अंतर
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असली: एक समान पकता है और स्वाद सामान्य।
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नकली: पकने में असमानता और स्वाद अजीब।
नकली अंडे के सेवन से स्वास्थ्य पर खतरे
इनमें मौजूद रसायन शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकते हैं-
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पेट की दिक्कत
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एलर्जी
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इंफेक्शन
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लंबे समय तक सेवन पर शरीर में केमिकल जमा होने से गंभीर समस्याएं
क्या करें सावधानी?
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हमेशा भरोसेमंद दुकानदार से अंडे खरीदें
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पैकेजिंग और लेबलिंग जांचें
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घर पर छोटे-छोटे टेस्ट कर लें
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खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी रखें
