भारत में 80% लोग विटामिन-डी की कमी के शिकार, ये 5 संकेत बताते हैं क्या आप भी हैं जोखिम में
नई दिल्ली: भारत में भरपूर धूप होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग विटामिन-डी की कमी से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कमी सिर्फ हड्डियों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि शरीर की समग्र सेहत पर असर डालती है। ऐसे में इसके लक्षणों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।
लगातार थकान हो सकती है संकेत
अगर पूरी नींद लेने के बाद भी दिनभर थकान बनी रहती है या शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होती है, तो यह विटामिन-डी की कमी का शुरुआती संकेत हो सकता है। बार-बार नींद आना भी इसी का लक्षण माना जाता है।
हड्डियों और पीठ दर्द से बढ़ती परेशानी
विटामिन-डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, जिससे खासकर कमर और जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ जाती है।
इम्युनिटी कमजोर, बार-बार बीमारी
अगर हल्के मौसम बदलाव में भी सर्दी-जुकाम या बुखार हो रहा है, तो यह शरीर की कमजोर प्रतिरोधक क्षमता का संकेत हो सकता है। विटामिन-डी की कमी इम्युनिटी को प्रभावित करती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन
इस विटामिन की कमी से मांसपेशियां भी प्रभावित होती हैं। लगातार खिंचाव, दर्द या ऐंठन महसूस होना इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल है।
घाव भरने में देरी और बाल झड़ना
अगर चोट या घाव भरने में सामान्य से ज्यादा समय लग रहा है या बाल तेजी से झड़ रहे हैं, तो यह भी विटामिन-डी की कमी का संकेत हो सकता है।
कैसे करें बचाव?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे लक्षण दिखने पर सबसे पहले ब्लड टेस्ट करवाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से विटामिन-डी सप्लीमेंट्स लिए जा सकते हैं।
इसके साथ ही रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच 15-20 मिनट धूप में रहना विटामिन-डी का सबसे प्राकृतिक और असरदार तरीका माना जाता है। हेल्दी फैट्स के साथ संतुलित आहार भी इसके अवशोषण में मदद करता है।
विटामिन-डी की कमी को नजरअंदाज करना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। इसलिए समय रहते लक्षण पहचानकर जरूरी कदम उठाना बेहद जरूरी है।
