Fatty Liver Exercise: हफ्ते में 150 मिनट की एक्सरसाइज से कम होगा लिवर का फैट? रिसर्च में सामने आया फायदा
Fatty Liver से परेशान लोगों के लिए नियमित एक्सरसाइज फायदेमंद हो सकती है। एक समीक्षा के मुताबिक सप्ताह में 150 मिनट का मध्यम स्तर का व्यायाम लिवर में जमा फैट कम करने में मदद कर सकता है। यानी रोज 20-25 मिनट की शारीरिक गतिविधि लिवर की सेहत के लिए उपयोगी हो सकती है।
Fatty Liver Exercise: फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि राहत का एक आसान तरीका हो सकती है। एक अध्ययन की समीक्षा में सामने आया है कि सप्ताह में कम से कम 150 मिनट का मध्यम स्तर का व्यायाम लिवर में जमा अतिरिक्त फैट को कम करने और लिवर की सेहत बेहतर करने में मदद कर सकता है। यानी रोजाना करीब 20-25 मिनट की शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
फैटी लिवर आज एक आम स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। ज्यादा वजन, अस्वास्थ्यकर खानपान, शराब का सेवन और लंबे समय तक बैठे रहने जैसी जीवनशैली की आदतें इसके जोखिम को बढ़ा सकती हैं। कई लोगों में शुरुआत में इसके स्पष्ट लक्षण भी नजर नहीं आते।
क्या 150 मिनट की एक्सरसाइज से कम होगा लिवर का फैट?
शोध की समीक्षा में पाया गया कि सप्ताह में करीब 150 मिनट का मध्यम स्तर का व्यायाम फैटी लिवर वाले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक नियमित शारीरिक गतिविधि से लिवर में जमा फैट को कम करने के साथ शारीरिक फिटनेस और जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार हो सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि इसके लिए रोज घंटों जिम में पसीना बहाना जरूरी है। करीब 20-25 मिनट की नियमित गतिविधि से शुरुआत की जा सकती है। हालांकि, व्यायाम का प्रकार और उसकी तीव्रता व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और बीमारी की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।
फैटी लिवर को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज को अब मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) कहा जाता है। समस्या बढ़ने पर लिवर में स्कारिंग, सिरोसिस और गंभीर मामलों में लिवर कैंसर जैसी जटिलताएं हो सकती हैं। इसलिए फैटी लिवर का पता चलने पर जीवनशैली में सुधार और चिकित्सकीय सलाह को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
रिसर्च में 14 अध्ययनों की समीक्षा
इस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए 14 अध्ययनों की समीक्षा की गई। इसमें फैटी लिवर की समस्या वाले लोगों की उम्र, लिंग, बॉडी मास इंडेक्स (BMI) और वजन में बदलाव जैसे अलग-अलग कारकों के आंकड़ों का मूल्यांकन किया गया।
समीक्षा में पाया गया कि जिन लोगों ने नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया, उनमें लिवर से जुड़ी समस्याओं के जोखिम में कमी देखी गई।
एरोबिक एक्सरसाइज के साथ योग भी फायदेमंद
अध्ययन में एरोबिक एक्सरसाइज के साथ योग को भी उपयोगी पाया गया है। बालासन, अनुलोम विलोम और धनुरासन जैसे योग अभ्यासों को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, किसी बीमारी की स्थिति में व्यायाम या योग शुरू करने से पहले अपनी शारीरिक क्षमता और डॉक्टर की सलाह को ध्यान में रखना जरूरी है।
विशेषज्ञों ने जीवनशैली में बदलाव पर दिया जोर
हेपेटोलॉजी विशेषज्ञों के मुताबिक फैटी लिवर के मरीजों को नियमित व्यायाम से फायदा मिल सकता है। शोध के निष्कर्ष यह संकेत देते हैं कि डॉक्टर उपचार के साथ शारीरिक गतिविधि को भी सलाह का हिस्सा बना सकते हैं। स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम और वजन को नियंत्रित रखना लिवर की सेहत के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि, केवल व्यायाम को फैटी लिवर का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। बीमारी की गंभीरता और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर उचित जांच और उपचार की सलाह दे सकते हैं।
