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पथरी से लेकर पीलिया तक...कई बीमारियों के लिए रामबाण है बालम खीर, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

 
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हेल्थ डेस्क। सड़कों के किनारे जड़ी-बूटियां बेचने वाले लोगों के पास अक्सर एक खास तरह का फल देखने को मिलता है, जिसे बालम खीरा कहा जाता है। देखने में यह सामान्य खीरे जैसा नजर आता है, लेकिन आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसे औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व दिया जाता है। माना जाता है कि इसके फल, तने और छाल में कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर को विभिन्न स्वास्थ्य लाभ पहुंचा सकते हैं।

कैसा होता है बालम खीरा?

बालम खीरे का पौधा बेल के रूप में विकसित होता है और समय के साथ यह पेड़ का आकार भी ले सकता है। इसकी लंबाई लगभग 15 से 20 मीटर तक पहुंच सकती है। इसके फल आकार में छोटे खीरे जैसे दिखाई देते हैं और इनमें कई प्रकार के खनिज एवं पोषक तत्व पाए जाते हैं।

पोषक तत्वों से भरपूर

बालम खीरे में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक और क्रोमियम जैसे महत्वपूर्ण खनिज तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक माने जाते हैं।

पथरी में लाभकारी माना जाता है

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार बालम खीरे का काढ़ा किडनी स्टोन यानी पथरी की समस्या में उपयोगी माना जाता है। माना जाता है कि इसके सेवन से पथरी को शरीर से बाहर निकालने में सहायता मिल सकती है। हालांकि किसी भी उपचार के लिए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त

बालम खीरे के बीज कब्ज की समस्या में राहत देने वाले माने जाते हैं। इसमें मौजूद पानी की अधिक मात्रा पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने और शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है।

गर्मियों में पहुंचाता है राहत

गर्म मौसम में इसका सेवन शरीर को ठंडक देने और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में मददगार माना जाता है। साथ ही यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी सहायक बताया जाता है।

पीलिया और सूजन में भी उपयोग

आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार बालम खीरे का रस पीलिया और सूजन जैसी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है। कुछ लोग सुबह खाली पेट इसका रस सेवन करने की सलाह देते हैं।

सेवन से पहले जानें जरूरी सावधानियां

कच्चा फल नुकसान पहुंचा सकता है

विशेषज्ञों के अनुसार बालम खीरे के कच्चे फल में कूक्रिबिटासिन (Cucurbitacin) जैसे तत्व पाए जा सकते हैं, जो अधिक मात्रा में सेवन करने पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

सर्दी-जुकाम के मरीज रहें सावधान

इसकी तासीर ठंडी मानी जाती है। ऐसे में सर्दी, जुकाम, अस्थमा या श्वसन संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों को इसका सेवन सावधानीपूर्वक करना चाहिए।

अधिक सेवन से हो सकती हैं दिक्कतें

जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर पेट दर्द, गैस, मरोड़ या अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकीय सलाह जरूरी

गर्भावस्था के दौरान किसी भी जड़ी-बूटी या पारंपरिक औषधीय फल का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए। बालम खीरे के सेवन से पहले भी विशेषज्ञ की राय लेना बेहतर माना जाता है।

नोट: बालम खीरे से जुड़े कई दावे पारंपरिक और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। किसी भी बीमारी के उपचार या औषधीय उपयोग के लिए डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।