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बार-बार सिरदर्द को न करें नजरअंदाज, माइग्रेन से लेकर इन 5 समस्याओं का हो सकता है संकेत

बार-बार सिरदर्द होना केवल थकान या तनाव का नतीजा नहीं है। माइग्रेन, हाई ब्लड प्रेशर, नींद की कमी और साइनस जैसी समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं। न्यूरोसर्जन डॉ. गौरव बत्रा से जानें लगातार सिरदर्द के संभावित कारण और किन परिस्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

 
सिरदर्द
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सिरदर्द को अक्सर लोग थकान, तनाव, नींद की कमी या लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करने का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है या धीरे-धीरे बढ़ रही है, तो इसकी वजह किसी स्वास्थ्य समस्या से भी जुड़ी हो सकती है। गाजियाबाद स्थित यशोदा मेडिसिटी के प्रिंसिपल कंसल्टेंट और न्यूरोसर्जन डॉ. गौरव बत्रा के मुताबिक, माइग्रेन, हाई ब्लड प्रेशर, तनाव, नींद की कमी और साइनस जैसी स्थितियों में सिरदर्द की शिकायत हो सकती है।

बार-बार सिरदर्द होने के पीछे क्या हो सकती हैं वजहें?

डॉ. गौरव बत्रा ने बताया कि लगातार या बार-बार होने वाले सिरदर्द के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। हर सिरदर्द किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन इसके साथ दिखाई देने वाले लक्षणों और दर्द की प्रकृति पर ध्यान देना जरूरी है।

1. माइग्रेन

माइग्रेन में सिर के एक या दोनों तरफ तेज दर्द हो सकता है। कई बार इसके साथ मतली और उल्टी की शिकायत भी होती है। इसके अलावा, रोशनी और तेज आवाज के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सकती है। माइग्रेन का दर्द सामान्य सिरदर्द से अलग हो सकता है और व्यक्ति की रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।

2. हाई ब्लड प्रेशर

बहुत अधिक बढ़ा हुआ रक्तचाप कुछ स्थितियों में सिरदर्द के साथ दिखाई दे सकता है। हालांकि, हाई ब्लड प्रेशर के ज्यादातर मामलों में कोई स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते। इसलिए केवल सिरदर्द को हाई BP का संकेत मानना सही नहीं है।

3. तनाव और नींद की कमी

मानसिक तनाव, चिंता और अनियमित दिनचर्या भी बार-बार सिरदर्द की वजह बन सकती है। डॉ. गौरव बत्रा के अनुसार, ज्यादा तनाव लेने से यह परेशानी बढ़ सकती है। इसके अलावा, पर्याप्त नींद नहीं लेना और सोने-जागने का नियमित समय न होना भी सिरदर्द की समस्या को प्रभावित कर सकता है।

4. साइनस की समस्या

साइनस में सूजन या संक्रमण होने पर माथे, आंखों के आसपास और चेहरे में दबाव या दर्द महसूस हो सकता है। इसके साथ नाक बंद होने की शिकायत भी हो सकती है। ऐसे में सिरदर्द के साथ दूसरे लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

5. न्यूरोलॉजिकल समस्याएं

कुछ मामलों में बार-बार होने वाला या असामान्य सिरदर्द मस्तिष्क से जुड़ी न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का संकेत हो सकता है। हालांकि, केवल सिरदर्द के आधार पर किसी गंभीर बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। सही वजह जानने के लिए डॉक्टर की जांच और सलाह जरूरी होती है।

किस स्थिति में डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

डॉ. गौरव बत्रा के मुताबिक, अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है, समय के साथ बढ़ता जा रहा है या दवाइयां लेने के बावजूद ठीक नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

जांच के दौरान अगर मस्तिष्क या रीढ़ से जुड़ी ऐसी समस्या सामने आती है, जिसमें सर्जरी की जरूरत हो सकती है, तो न्यूरोसर्जन की सलाह ली जा सकती है। इसलिए लगातार बने रहने वाले सिरदर्द को सामान्य परेशानी समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।