त्योहारों में खरीद रहे हैं घी, तो रहें सावधान! इन तरीकों से परखें असली है या नकली
त्योहारों का मौसम हो और घर में मिठाइयां व पकवान न बनें, ऐसा भला कैसे हो सकता है। लड्डू, हलवा, पूड़ी से लेकर कई तरह के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए घी का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन बाजार से घी खरीदते समय क्या आप उसकी गुणवत्ता और शुद्धता पर ध्यान देते हैं? कई बार आकर्षक पैकिंग और बड़े ब्रांड के नाम पर लोग घी खरीद लेते हैं, जबकि उसकी गुणवत्ता की जांच करना भी जरूरी है।
घी में मिलावट की आशंका को देखते हुए खरीदारी के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। हालांकि, केवल रंग, खुशबू या जमने के तरीके से घी के शुद्ध होने की पक्की पुष्टि नहीं की जा सकती। आइए जानते हैं कि घी खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. घी खरीदने से पहले लेबल जरूर पढ़ें
पैक्ड घी खरीदते समय केवल ब्रांड और कीमत देखकर फैसला न करें। पैकेट पर लिखी सामग्री, निर्माण की तारीख, बेस्ट बिफोर डेट और FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर जांचें। पैकेट की सील टूटी हुई हो या पैकिंग के साथ छेड़छाड़ के संकेत मिलें, तो उसे खरीदने से बचें। घी हमेशा भरोसेमंद दुकान या विक्रेता से ही खरीदें।
2. रंग और खुशबू से मिल सकता है शुरुआती संकेत
घी का रंग हमेशा एक जैसा नहीं होता। गाय के दूध से बने घी का रंग हल्का पीला हो सकता है, जबकि भैंस के दूध से बने घी का रंग अपेक्षाकृत सफेद दिखाई दे सकता है। पशु के आहार और घी बनाने की प्रक्रिया से भी उसके रंग में अंतर आ सकता है।
इसी तरह घी की खुशबू भी उसके स्रोत और बनाने के तरीके पर निर्भर करती है। अगर घी से असामान्य, बासी या खराब गंध आ रही है, तो उसका इस्तेमाल न करें। हालांकि, सामान्य रंग और खुशबू होने का मतलब यह नहीं है कि घी पूरी तरह शुद्ध है।
3. घी के जमने के तरीके को न मानें शुद्धता का प्रमाण
घी ठंडे तापमान में जम सकता है, जबकि गर्मी में पिघलने लगता है। इसकी बनावट और जमने का तरीका तापमान के साथ-साथ उसमें मौजूद वसा की संरचना पर भी निर्भर करता है।
अगर घी में अलग-अलग परतें या असामान्य बनावट दिखाई दे, तो सावधानी बरतें। लेकिन घी का पूरी तरह जमना, दानेदार होना या देर से जमना अपने आप में मिलावट का प्रमाण नहीं है। इसलिए फ्रिज में रखकर घी की शुद्धता जांचने जैसे घरेलू तरीकों पर पूरी तरह निर्भर न रहें।
4. बहुत सस्ता घी खरीदने से पहले रहें सतर्क
अगर किसी दुकान पर घी सामान्य कीमत से काफी कम दाम में मिल रहा है, तो उसकी गुणवत्ता और पैकेजिंग की जांच जरूर करें। कम कीमत का मतलब हमेशा मिलावट नहीं होता, लेकिन केवल सस्ता होने के कारण किसी उत्पाद पर भरोसा करना भी ठीक नहीं है।
5. शुद्धता पर संदेह हो तो क्या करें?
अगर घी की गुणवत्ता को लेकर संदेह है, तो उसे खाने में इस्तेमाल करने से बचें। पैकिंग, बिल और उत्पाद से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखें। जरूरत पड़ने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की जा सकती है। घी की शुद्धता की पुष्टि के लिए मान्य प्रयोगशाला में जांच कराना सबसे भरोसेमंद तरीका है।
ध्यान रखें: त्योहारों की खरीदारी में थोड़ी-सी सावधानी आपकी सेहत के लिए जरूरी है। घी खरीदते समय उसकी पैकिंग, लेबल, गुणवत्ता और विश्वसनीय स्रोत पर ध्यान दें। केवल घरेलू जांच के आधार पर उसे शुद्ध मानने की गलती न करें।
